IMA POP 2019: फौजियों के गांव में पहला अफसर बना सौरभ, गांव के 220 परिवारों में खुशी की लहर
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220 से ज्यादा परिवार और 80 से ज्यादा सैनिकों व पूर्व सैनिकों का गांव। प्रथम विश्व युद्ध से अब तक हर युद्ध में इस गांव के वीरों ने अपनी हिम्मत और वीरता का परिचय दिया। लेकिन, इस वीर भूमि को कसक थी कि यहां से कोई अफसर नहीं बन पाया।
शनिवार को भारतीय सैन्य अकादमी से पास आउट होकर सौरभ नगरकोटी ने गांव के इतिहास में पहला अफसर बनने का गौरव हासिल कर लिया। यह कहानी अल्मोड़ा के डोटियाल गांव की है।
यहां के बेटे सौरभ नगरकोटी ने शनिवार को दून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी में राष्ट्र के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने का संकल्प लेकर अंतिम पग पार किया। वर्ष 2015 में अल्मोड़ा आर्मी पब्लिक स्कूल से 12वीं करने के साथ ही सौरभ का चयन एनडीए के लिए हुआ था।
सौरभ के दादा स्वर्गीय प्रताप सिंह नगरकोटी और पिता नंदन नगरकोटी भी भारतीय सेना का हिस्सा रहे हैं। मां चंदा नगरकोटी ने बताया कि सैनिक बाहुल्य होने के कारण उनके गांव को फौजियों का गांव भी कहा जाता है।
गांव में बड़ी संख्या में सैनिक और पूर्व सैनिक हैं। इसलिए जब वर्ष 2015 में सौरभ का चयन एनडीए के लिए हुआ और उसने आईएमए में प्रशिक्षण पूरा किया तो उनके साथ पूरा गांव खुशी से झूम उठा। सौरभ के छोटे भाई गौरव का चयन भी वर्ष 2017 में एनडीए के लिए हुआ था। इस समय वह एनडीए खड़गवासला में ट्रेनिंग कर रहे हैं।