फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   How will Sanskrit be preserved without teachers and classes?

Dehradun News: बिना शिक्षक और कक्षा के कैसे होगा संस्कृत का संरक्षण

Sun, 03 Aug 2025 01:19 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 03 Aug 2025 01:19 AM IST
विज्ञापन
How will Sanskrit be preserved without teachers and classes?
Iश्री शिवनाथ संस्कृत महाविद्यालय में कीचड़ और घास बनी छात्रों के लिए चुनौती
विज्ञापन

I

I
I
Iसंस्कृत जिसे सभी भारतीय भाषाओं की जननी माना जाता है, भारतीय संस्कृति और ज्ञान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका संरक्षण न केवल भाषा के रूप में बल्कि एक सांस्कृतिक धरोहर के रूप में भी आवश्यक है लेकिन राजधानी दून में बिना शिक्षक और कक्षा के कैसे संस्कृत का संरक्षण होगा।
I
I
I
Iउत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार से संबद्ध श्री शिवनाथ संस्कृत महाविद्यालय प्रीतम रोड में कक्षा छह से लेकर एमए डिग्री तक की पढ़ाई होती है। यहां वर्तमान में छात्रों की संख्या 150, शिक्षक सिर्फ तीन और कक्षाएं पांच हैं। शनिवार को अमर उजाला की टीम ने महाविद्यालय का जायजा लिया तो प्रवेश द्वार पर ही गंदगी का अंबार देखने को मिला। मुख्य द्वार से लेकर महाविद्यालय तक घास और कीचड़ पार कर छात्र कक्षाओं तक पहुंच रहे थे। महाविद्यालय में खेलने की भी कोई सुविधा नहीं है। छात्रों का कहना है कि वर्तमान में आठ पीरियड होते हैं। शिक्षकों और कक्षाओं की कमी के चलते उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है।
विज्ञापन

I
I
I
I
I
Iचार महीने बाद भी नहीं बदला प्राचार्य का नाम
I

Iमहाविद्यालय में प्राचार्य के कार्यालय में लगी सूची में वर्तमान प्राचार्य का नाम ही दर्ज नहीं है। जो नाम लिखा है वह प्राचार्य चार माह पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उधर पुराने जर्जर छात्रावास में छात्रों के प्रवेश पर रोक नहीं है। जबकि कई जगह जलभराव होने से डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा हर वक्त बना रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

I
I
I
I
I
Iयह अशासकीय महाविद्यालय है। विभाग ने कई बार ट्रस्ट को पत्र लिख और बैठक कर महाविद्यालय को शासकीय करने की बात की है। हालांकि ट्रस्ट इसके पक्ष में नहीं है। ऐसे में एक बार फिर ट्रस्ट व विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ मिलकर बैठक की जाएगी और छात्र हितों में फैसले लिए जाएंगे।
I

I
I
Iडॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल, सहायक निदेशक, संस्कृत शिक्षाI
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed