बुराई पर अच्छाई की जीत का त्योहार होली इस बार 17 और 18 मार्च को मनाई जाएगी। आज होलिका दहन और कल शुक्रवार को रंगों की होली खेली जाएगी, लेकिन इस साल होलिका दहन के समय भद्रा का साया रहेगा। शास्त्रानुसार रात नौ बजकर पांच मिनट से 10 बजकर 15 मिनट तक निर्दोश मुहूर्त में ही होलिका दहन किया जाना शुभ और मंगलकारी होगा।
इस बार होलिका दहन का समय केवल एक घंटा 10 मिनट ही मिल सकेगा। आज 17 मार्च को होलिका दहन के दिन शाम पांच बजकर 19 मिनट से रातभर भद्रा का साया रहेगा। शास्त्रानुसार होलिका दहन पूर्णिमा की रात प्रदोष काल में किया जाता है, लेकिन प्रदोष काल में भी भद्रा का साया रहेगा। ऐेसे में भद्रा पुच्छ काल में होलिका दहन रात नौ बजकर पांच मिनट से सवा 10 बजे तक किया जा सकेगा।
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इस दौरान भद्रा का दोष नहीं रहेगा। दरअसल, भद्रा को विघ्नकारक और शुभ कार्य में निषेध माना जाता है। ऐसे में लोगों में होलिका दहन के समय को लेकर दुविधा है। उत्तराखंड विद्वत सभा के पूर्व अध्यक्ष पं. उदय शंकर भट्ट ने बताया कि भद्रा काल में शुभ कार्य निषेध माने जाते हैं। इसलिए 17 मार्च को रात 9 बजकर 5 मिनट से होलिका दहन का मुहूर्त है।