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हिंदी है हम : युवा अधिकारी हेमलता बनीं प्रेरणा, केंद्र सरकार के अंग्रेजी के पत्रों का हिंदी में भेजती हैं जवाब
Mon, 24 Aug 2020 03:39 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Mon, 24 Aug 2020 03:39 PM IST
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हिंदी हैं हम
- फोटो : Amar Ujala
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सरकारी कामकाज में हिंदी का प्रचलन हो तो आम आदमी को भी सशक्त बनाया जा सकता है। कुछ इसी सोच के साथ जिला समाज कल्याण अधिकारी हेमलता पांडेय विभाग में हिंदी को महत्व देती हैं।
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केंद्र व राज्य सरकार के अंग्रेजी में भेजे पत्रों का जवाब हेमलता द्वारा हिंदी में ही भेजा जाता है। विभागीय कामकाज ही नहीं, बल्कि निजी जिंदगी में भी वह हिंदी को ही प्रमुखता देती हैं। युवा अधिकारी हेमलता पांडेय का हिंदी प्रेम अन्य अधिकारियों के लिए प्रेरणा का काम करेगा।
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हेमलता पांडेय किसी भी पत्र-व्यवहार में हिंदी भाषा को ही प्रयोग में लाती हैं। केंद्र सरकार से भेजी किसी भी गाइडलाइन की भाषा अंग्रेजी में होती है तो हेमलता उसका हिंदी अनुवाद करती हैं।
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ताकि किसी कर्मचारी को अर्थ समझने में तकनीकी दिक्कत न हो। साथ ही आमजन भी सरलता से समझ सके। हेमलता पांडेय केंद्र सरकार को भेजे जाने वाले पत्रों का जवाब स्वयं ही हिंदी में टाइपिंग कर तैयार करती हैं।
जिला समाज कल्याण अधिकारी हेमलता पांडेय का कहना है कि वह घर पर भी हिंदी भाषा ही प्रयोग करती हैं। कहा कि सिर्फ कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि हर अधिकारी को भी राजभाषा में टाइपिंग आनी चाहिए। हमें अंग्रेजी का आदी नहीं होना चाहिए। कई लोग शुद्ध हिंदी भी समझ नहीं पाते। इससे पता चलता है कि हम अपनी जड़ों से कितना जुड़े हैं। मेरा मानना है कि हिंदी को पहचान दिलाने के लिए हमें दिखावेभरी जिंदगी से बाहर आना चाहिए।