उत्तराखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सभी फसलों को फसल बीमा योजना के दायरे में लाने के दिए निर्देश
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हाईकोर्ट ने उत्तराखंड में पैदा होने वाली सभी फसलों को फसल बीमा योजना के दायरे में लाने का आदेश दिया है। जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष रहे राजेंद्र सिंह नेगी की याचिका पर मंगलवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ यह आदेश जारी किया।
याची का कहना था कि केंद्र सरकार की राष्ट्रीय फसल बीमा नीति के अंतर्गत फसल बीमा योजना संचालित की जा रही है। उत्तराखंड में इस योजना को आधे अधूरे तरीके से लागू किया गया है।
सिर्फ टमाटर, अदरक, आलू की फसल में ही इस योजना का लाभ दिया जा रहा है। याचिका में कहा कि किसान इस योजना के पात्र माने गए हैं, जिनके द्वारा बैंकों से ऋण लेकर फसल उगाई गई है और अन्य किसानों को इस योजना में शामिल होने का विकल्प दिया गया है।
योजना को अनिवार्य रूप से प्रदेश में लागू करने के निर्देश
याचिका में राष्ट्रीय फसल बीमा योजना को अनिवार्य रूप से प्रदेश में लागू कर राज्य में पैदा होने वाली समस्त फसलों को इस योजना में शामिल करने का आग्रह किया गया था। पीठ ने राष्ट्रीय फसल बीमा योजना का लाभ राज्य में उत्पन्न होने वाली सभी फसलों पर एक समान रूप से देने तथा सभी फसलों को बीमा योजना के दायरे में लाने के निर्देश दिए।
कोर्ट के इस आदेश से प्रदेश के कई किसानों को फायदा होने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रदेश में बेहद कम फसलों को ही अधिसूचित किया गया है। राष्ट्रीय कृषि फसल बीमा योजना के तहत प्रदेश सरकार को अधिकार है कि वह अपने स्तर से सभी फसलों को अधिसूचित कर सकती है। इतना होने पर भी केवल कुछ मुख्य फसलों को ही प्रदेश में बीमा के दायरे में लाया गया है।