फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   High Court Instructions to file reply to Madan Kaushik in library scam case

पुस्तकालय घोटाला मामला: हाईकोर्ट ने दिए भाजपा विधायक मदन कौशिक को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश

Thu, 21 Apr 2022 11:28 AM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Published by: रेनू सकलानी Updated Thu, 21 Apr 2022 11:28 AM IST
सार

पुस्तकालय बनाने के लिए भूमि पूजन से लेकर उद्घाटन तक की फाइनल पेमेंट कर दी गई थी लेकिन आज तक धरातल पर किसी भी पुस्तकालय का निर्माण नहीं किया गया है।

विज्ञापन
High Court Instructions to file reply to Madan Kaushik in library scam case
मंत्री मदन कौशिक - फोटो : एएनआई फाइल फोटो

विस्तार

विज्ञापन

हाईकोर्ट ने 2010 में हरिद्वार में हुए पुस्तकालय घोटाले के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद तत्कालीन विधायक मदन कौशिक को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कहा कि अभी तक पुस्तकालयों का संचालन नहीं हुआ है, जबकि सरकार की ओर से कहा गया कि पुस्तकालयों का संचालन 2019 में हो गया था।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। देहरादून निवासी सच्चिदानंद डबराल ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि 2010 में तत्कालीन विधायक मदन कौशिक ने विधायक निधि से करीब डेढ़ करोड़ की लागत से 16 पुस्तकालय बनाने के लिए पैसा आवंटित किया था।

विज्ञापन


पुस्तकालय बनाने के लिए भूमि पूजन से लेकर उद्घाटन तक की फाइनल पेमेंट कर दी गई थी लेकिन आज तक धरातल पर किसी भी पुस्तकालय का निर्माण नहीं किया गया है। आरोप था कि विधायक निधि के नाम पर विधायक ने तत्कालीन जिला अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता के साथ मिलकर बड़ा घोटाला किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें...सस्पेंस खत्म : चंपावत सीट से उपचुनाव लड़ेंगे सीएम धामी, गहतोड़ी ने छोड़ी सीट, विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा इस्तीफा

याचिकाकर्ता का कहना था कि पुस्तकालय निर्माण की जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण सर्विसेस को दी गई थी और विभाग के अधिशासी अभियंता के फाइनल निरीक्षण और सीडीओ की संस्तुति के बाद काम की फाइनल पेमेंट भी कर दी गई। याचिकाकर्ता ने पुस्तकालय के नाम पर हुए घोटाले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed