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उत्तरी पूर्वी राज्यों में बनेगा हैस्को तकनीकी हब, संस्था की तकनीक के कायल हुए सचिव
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 29 Nov 2017 11:50 PM IST
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हैस्कों में बने उत्पादों को देखते भारत सरकार के सचिव एवं संयुक्त सचिव और साथ में हैस्को के संस्थापक
- फोटो : amar ujala
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उत्तरी पूर्वी विभाग भारत सरकार के सचिव नवीन वर्मा एवं संयुक्त सचिव जेके सिन्हा के नेतृत्व में पहुंची टीम ने हैस्को की तकनीकी पर संचालित उत्पादन इकाईयों को देखा और उत्तरी पूर्वी राज्यों के लिए भी हैस्को की तकनीक मांगी।
उत्तरी पूर्वी विभाग भारत सरकार के सचिव नवीन वर्मा एवं संयुक्त सचिव जेके सिन्हा ने बुधवार को हैस्को गांव शुक्लापुर का निरीक्षण किया। पद्मश्री एवं हैस्को के डा. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि उत्तरी पूर्वी राज्यों में हैस्को अपनी तकनीक देगा। तकनीकी की मदद से हैस्को हब बनाया जाएगा, जिससे एक ही जगह पर ग्रामीणों को समूह ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग के बाद ग्रामीण स्थानीय उत्पादों की पैकिंग और प्रोसेसिंग कर आत्मनिर्भर बन पाएंगे।
सचिव नवीन वर्मा और उनकी टीम ने शुक्लापुर गांव में सौर ऊर्जा से संचालित ड्रायर, कूकर, सोलर वाटर हीटर, पनचक्की, पन बिजली, वाटर रिचार्ज मॉडल, फ्रूट प्रोसेसिंग इकाई, लैंटाना उत्पाद केंद्र, वर्मी कंपोस्ट पिट, ब्रिकेटिंग मशीन और पायरोलाइजर तकनीकी संचालित यूनिटों का निरीक्षण किया। कई उत्पादों का स्वाद लिया। सचिव ने कहा कि शुक्लापुर गांव के निरीक्षण का उद्देश्य उत्तरी पूर्वी राज्यों में हैस्को तकनीकी की मदद लेना है।
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सचिव ने कहा कि उनका मंत्रालय हैस्को से के साथ एमओयू साइन करेगा। इसके बाद उत्तरी पूर्वी राज्यों के हर प्रदेश में एक-एक सर्विस टेक्नोलॉजी हब बनाया जाएगा। इससे हैस्को की तकनीकी उत्तर पूर्वी राज्यों में स्थानांतरित हो जाएगी।
इसमें देश के नामी संस्थान आईआईटी, आईसीएआई, बीएआरसी और एफआरआई की भी मदद ली जाएगी। तकनीकी हस्तांतरण से पहले पूरी कार्ययोजना तैयार की जाएगी। राज्य में होने वाले स्थानीय उत्पादों की सूची बनाई जाएगी।
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उत्तरी पूर्वी विभाग भारत सरकार के सचिव नवीन वर्मा एवं संयुक्त सचिव जेके सिन्हा ने बुधवार को हैस्को गांव शुक्लापुर का निरीक्षण किया। पद्मश्री एवं हैस्को के डा. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि उत्तरी पूर्वी राज्यों में हैस्को अपनी तकनीक देगा। तकनीकी की मदद से हैस्को हब बनाया जाएगा, जिससे एक ही जगह पर ग्रामीणों को समूह ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग के बाद ग्रामीण स्थानीय उत्पादों की पैकिंग और प्रोसेसिंग कर आत्मनिर्भर बन पाएंगे।
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सचिव नवीन वर्मा और उनकी टीम ने शुक्लापुर गांव में सौर ऊर्जा से संचालित ड्रायर, कूकर, सोलर वाटर हीटर, पनचक्की, पन बिजली, वाटर रिचार्ज मॉडल, फ्रूट प्रोसेसिंग इकाई, लैंटाना उत्पाद केंद्र, वर्मी कंपोस्ट पिट, ब्रिकेटिंग मशीन और पायरोलाइजर तकनीकी संचालित यूनिटों का निरीक्षण किया। कई उत्पादों का स्वाद लिया। सचिव ने कहा कि शुक्लापुर गांव के निरीक्षण का उद्देश्य उत्तरी पूर्वी राज्यों में हैस्को तकनीकी की मदद लेना है।
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सचिव ने कहा कि उनका मंत्रालय हैस्को से के साथ एमओयू साइन करेगा। इसके बाद उत्तरी पूर्वी राज्यों के हर प्रदेश में एक-एक सर्विस टेक्नोलॉजी हब बनाया जाएगा। इससे हैस्को की तकनीकी उत्तर पूर्वी राज्यों में स्थानांतरित हो जाएगी।
इसमें देश के नामी संस्थान आईआईटी, आईसीएआई, बीएआरसी और एफआरआई की भी मदद ली जाएगी। तकनीकी हस्तांतरण से पहले पूरी कार्ययोजना तैयार की जाएगी। राज्य में होने वाले स्थानीय उत्पादों की सूची बनाई जाएगी।
सचिव ने खाया कोदा और चौलाई का लड्डू, घराट का किया उद्घाटन
हैस्कों में बने कोदा और चौलाई के लड्डू का स्वाद लेते सचिव एवं संयुक्त सचिव
- फोटो : amar ujala
हैस्को की मदद से एक ग्रामीण कोदा और चौलाई के लड्डू बना रहा है। हैस्को ने ग्रामीण को ट्रेनिंग दी। जिसके बाद ग्रामीण लड्डू बना रहा है।
हैस्को के डा. अनिल जोशी ने बताया कि ग्रामीण ने साल भर में 10 लाख रुपये का टर्नओवर किया है। जिसके लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ग्रामीण को बधाई दी। सचिव और संयुक्त सचिव के साथ उनके साथ निरीक्षण करने पहुंची टीम ने लड्डू का स्वाद लिया।
हैस्को के डा. अनिल जोशी ने कहा कि हैस्को तकनीकी हब से ही उत्तर पूर्वी राज्यों के स्थानीय उत्पादों और संसाधनों की उपयोग संभव है। डा. जोशी ने कहा कि वहां के उत्पाद काला चावल, आंवला, अनानास, बांस से स्वरोजगार की संभावनाओं पर जोर दिया।
इस दौरान उत्तर पूर्वी राज्य से पेबूरम देखापुलकन परियोजना अधिकारी आजीविका, एनईआरएफपी गोहाटी, जेम्सटी खारकोंगर परियोजना अधिकारी मेघालय और हैस्को के डा. राकेश कुमार, वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. किरण नेगी, डा. सुभाष नौटियाल मौजूद थे।
सचिव नवीन वर्मा एवं संयुक्त सचिव जेके सिन्हा ने हैस्को गांव के निरीक्षण के बाद सहसपुर स्थित बहुउद्देश्यीय घराट का उद्घाटन किया। घराट देखकर सचिव काफी उत्साहित हुए। लच्छीवाला में लैंटाना आधारित स्वरोजगार भी देखा। सचिव ने कहा कि हैस्को की तकनीकी उत्तरी पूर्वी राज्यों के लिए कल्याणकारी हो सकती है।
हैस्को के डा. अनिल जोशी ने बताया कि ग्रामीण ने साल भर में 10 लाख रुपये का टर्नओवर किया है। जिसके लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ग्रामीण को बधाई दी। सचिव और संयुक्त सचिव के साथ उनके साथ निरीक्षण करने पहुंची टीम ने लड्डू का स्वाद लिया।
हैस्को के डा. अनिल जोशी ने कहा कि हैस्को तकनीकी हब से ही उत्तर पूर्वी राज्यों के स्थानीय उत्पादों और संसाधनों की उपयोग संभव है। डा. जोशी ने कहा कि वहां के उत्पाद काला चावल, आंवला, अनानास, बांस से स्वरोजगार की संभावनाओं पर जोर दिया।
इस दौरान उत्तर पूर्वी राज्य से पेबूरम देखापुलकन परियोजना अधिकारी आजीविका, एनईआरएफपी गोहाटी, जेम्सटी खारकोंगर परियोजना अधिकारी मेघालय और हैस्को के डा. राकेश कुमार, वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. किरण नेगी, डा. सुभाष नौटियाल मौजूद थे।
सचिव नवीन वर्मा एवं संयुक्त सचिव जेके सिन्हा ने हैस्को गांव के निरीक्षण के बाद सहसपुर स्थित बहुउद्देश्यीय घराट का उद्घाटन किया। घराट देखकर सचिव काफी उत्साहित हुए। लच्छीवाला में लैंटाना आधारित स्वरोजगार भी देखा। सचिव ने कहा कि हैस्को की तकनीकी उत्तरी पूर्वी राज्यों के लिए कल्याणकारी हो सकती है।