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महाविद्यालय परिसर में बना हर्बल गार्डन
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21 राजकीय महाविद्यालय में हर्बल गार्डन की स्थापना के लिए हाथों में औषधीय पादक लिए छात्र छात्राएं ?
- फोटो : RISHIKESH
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पंडित ललित मोहन शर्मा, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय परिसर ऋषिकेश और गंगा विश्व धरोहर मंच उत्तरकाशी के संयुक्त तत्वावधान में महाविद्यालय परिसर में हर्बल गार्डन बनाया गया। विभाग की ओर से यहां विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए।
सोमवार को श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पीपी ध्यानी ने हर्बल गार्डन को पुनरोत्थान करने की जिम्मेदारी वनस्पति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. जीके ढींगरा को दी। हर्बल गार्डन में अर्जुन, बेलपत्र, मौलश्री, आक, अकरकरा, अश्वगंधा, कासनी, कपूर, स्टीबिया, श्यामा तुलसी, लेमन तुलसी, गुड़हल, अमलतास, अशोक, हरड़, बहेड़ा, आंवला, तेजपात, रोजमैरी, ऐलोवेरा, सतावर, रीठा, नीम, कनेर, निर्गुंडी, जामुन आदि विभिन्न प्रजातियों के औषधीय पौधों का रोपण किया गया। महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. पंकज पंत ने कहा कि हर्बल गार्डन के पुनर्जीवन से जहां छात्र छात्राओं को शिक्षण व शोध कार्य में लाभ मिलेगा वहीं परिसर की सुन्दरता को भी चार चाँद लगेंगे।
गंगा विश्व धरोहर मंच के संयोजक डॉ. शंभूप्रसाद नौटियाल ने कहा कि गंगा विश्व धरोहर घोषित हो, के उद्देश्य से गंगा तटों पर स्थित शिक्षण संस्थानों में जल साक्षरता व पौधारोपण के लिए संकल्पित हैं। इस मुहिम से अब तक 25 स्थानों पर हर्बल गार्डन स्थापित किये जा चुके हैं। सौ स्थानों पर प्रस्तावित हैं।
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इस मौके पर डॉ. देवमणि त्रिपाठी, डॉ. वीके गुप्ता, देवेंद्र भट्ट, अर्जुन पालीवाल, सुरेश रतूड़ी आदि शामिल थे।
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सोमवार को श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पीपी ध्यानी ने हर्बल गार्डन को पुनरोत्थान करने की जिम्मेदारी वनस्पति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. जीके ढींगरा को दी। हर्बल गार्डन में अर्जुन, बेलपत्र, मौलश्री, आक, अकरकरा, अश्वगंधा, कासनी, कपूर, स्टीबिया, श्यामा तुलसी, लेमन तुलसी, गुड़हल, अमलतास, अशोक, हरड़, बहेड़ा, आंवला, तेजपात, रोजमैरी, ऐलोवेरा, सतावर, रीठा, नीम, कनेर, निर्गुंडी, जामुन आदि विभिन्न प्रजातियों के औषधीय पौधों का रोपण किया गया। महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. पंकज पंत ने कहा कि हर्बल गार्डन के पुनर्जीवन से जहां छात्र छात्राओं को शिक्षण व शोध कार्य में लाभ मिलेगा वहीं परिसर की सुन्दरता को भी चार चाँद लगेंगे।
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गंगा विश्व धरोहर मंच के संयोजक डॉ. शंभूप्रसाद नौटियाल ने कहा कि गंगा विश्व धरोहर घोषित हो, के उद्देश्य से गंगा तटों पर स्थित शिक्षण संस्थानों में जल साक्षरता व पौधारोपण के लिए संकल्पित हैं। इस मुहिम से अब तक 25 स्थानों पर हर्बल गार्डन स्थापित किये जा चुके हैं। सौ स्थानों पर प्रस्तावित हैं।
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इस मौके पर डॉ. देवमणि त्रिपाठी, डॉ. वीके गुप्ता, देवेंद्र भट्ट, अर्जुन पालीवाल, सुरेश रतूड़ी आदि शामिल थे।