फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   hemkund sahib door closed.

बंद हुए हेमकुंड के कपाट, हजारों भक्तों ने पढ़ी आखिरी अरदास

Sun, 11 Oct 2015 12:46 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, जोशीमठ
ब्यूरो / अमर उजाला, जोशीमठ Updated Sun, 11 Oct 2015 12:46 PM IST
विज्ञापन
hemkund sahib door closed.

हेमकुंड साहिब के कपाट शनिवार को दोपहर एक बजकर तीस मिनट पर विधि विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।

विज्ञापन


इस मौके पर हेमकुंड पहुंचे दो हजार सिख श्रद्धालुओं ने पवित्र हेमकुंड सरोवर में स्नान कर हेमकुंड साहिब के दर्शन किए। हेमकुंड के समीप स्थित लक्ष्मण मंदिर के कपाट भी बंद हो गए हैं। हेमकुंड साहिब में शनिवार को दोपहर एक बजे इस साल की अंतिम अरदास पढ़ी गई।

कपाट बंद होने के बाद गुरुग्रंथ साहिब को पंच प्यारे की अगुवाई में यात्रा के प्रमुख पड़ाव घांघरिया लाया गया, जिन्हें रविवार को गोविंदघाट स्थित गुरुद्वारे में रखा जाएगा। गोविंद घाट गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि हेमकुंड साहिब में श्रद्धा रखने वाले श्रद्धालुओं का पूरे सीजन में तांता लगा रहा।
विज्ञापन


उम्मीद है कि अगले वर्ष हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा भव्य रूप से चलेगी। इस मौके पर ट्रस्टी सरदार जनक सिंह, हेमकुंड गुरुद्वारे के प्रबंधक गुरुनाम सिंह, मुख्य ग्रंथी बाबा जत्था सिंह आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


कब क्या हुआ
सुबह 5 बजे - गुरुग्रंथ साहिब का प्रकाश हुआ।
सुबह 8 से 10.30 बजे-सबद कीर्तन।
साढ़े 10 से 11.55 बजे तक - सुखमणि पाठ।
दोपहर 12 से 12.40 बजे तक पुन: सबद कीर्तन।
दोपहर एक बजे - अंतिम अरदास।
दोपहर एक बजकर 15 मिनट - पंच प्यारों की अगुवाई में गुरुग्रंथ साहिब को सतखंड में रखा गया।
दोपहर डेढ़ बजे - हेमकुंड साहिब के कपाट बंद।

लक्ष्मण ने शेषनाथ के रूप में की थी यहां तपस्या
जोशीमठ। हेमकुंड साहिब के समीप ही लक्ष्मण लोकपाल का मंदिर भी है। मान्यता है कि इस स्थान पर लक्ष्मण ने शेषनाग के रूप में तपस्या की थी, जो द्वापर युग में राजा दशरथ के यहां लक्ष्मण के रूप में जन्मे थे।


यहां स्थित लक्ष्मण मंदिर में भ्यूंडार गांव के ग्रामीण पूजा-अर्चना करते हैं। यहां प्रतिवर्ष मेले भी आयोजित किए जाते हैं। श्रद्धालु भी हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा के दौरान लक्ष्मण मंदिर में मत्था टेकना नहीं भूलते।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed