कोटद्वार: बाढ़ ने फिर मचाई तबाही, जंगल में फंसे 38 लोगों का किया रेस्क्यू, बदरीनाथ हाईवे बंद
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लगातार हो रही बारिश ने कोटद्वार में फिर तबाही मचाई। बारिश के कारण लोगों का जीना मुहाल हो गया है। रविवार को बारिश के कारण कई लोग जंगलों में फंस गए। यही नहीं घरों में पानी भी घुस गया। दुगड्डा-कोटद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग के बंद होने से कोटद्वार पहुंचने के लिए पुलिंडा के जंगल में फंसे 38 लोगों को पुलिस और एसडीआरफ की टीम ने रेस्क्यू चलाकर जंगल से सुरक्षित बाहर निकाला। एसएसआई राकेंद्र कठैत ने बताया कि भारी वर्षा के कारण दुगड्डा-कोटद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग बंद किया गया है। इस कारण कुछ लोग पुलिंडा मार्ग के रास्ते कोटद्वार आ रहे थे। पुलिंडा मार्ग भी बंद होने के कारण लोग जंगल के रास्ते कोटद्वार पहुंचने का प्रयास कर रहे थे।
तभी वे लैंसडौन वन प्रभाग के घने जंगल में रास्ता भटक गए। शनिवार रात को 11 बजे जंगल से लोगों ने पुलिस को उनके फंसने की सूचना दी। इस पर एएसपी डा. हरीश वर्मा के निर्देशन पर पुलिस की एक टीम गठित की गई। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम जंगल में नौ किमी पैदल चलकर मोबाइल पर लोकेशन ट्रेस कर जंगल में फंसे लोगों तक पहुंची। सुबह चार बजे तक पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू चलाकर यात्रियों को सुरक्षित जंगल से बाहर निकाला। पुलिस टीम में एसएसआई राकेंद्र कठैत, एसआई सतेंद्र भाटी, एसआई विनोद कुमार, एसआई ओमवीर सिंह, रमेश कुमार, कृष्णा नंद रतूड़ी, ईश कुमार और एसडीआरएफ के जवान शामिल रहे।
लामबगड़ में फिर गिरा बोल्डर, हाईवे हुआ बंद
बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड़ में आवाजाही सुचारु नहीं हो पा रही है। लामबगड़ में दो दिनों से बंद हाईवे पर रविवार सुबह नौ बजे वाहनों की आवाजाही शुरू हुई, लेकिन सुबह ग्यारह बजे लामबगड़ भूस्खलन जोन में चट्टान से बोल्डर हाईवे पर आ गिरा और हाईवे दोबारा बंद हो गया। ऐसे में यात्रा फिर बाधित हो गई है। हाईवे बंद होने पर 50 तीर्थयात्री तीन किमी पैदल चलकर लामबगड़ बाजार पहुंचे और यहां से बदरीनाथ धाम पहुंचे जबकि 150 तीर्थयात्री बदरीनाथ के दर्शन कर गंतव्य को रवाना हुए।
रविवार को लामबगड़ क्षेत्र में दिनभर बारिश होती रही, जिससे दो दिनों से लामबगड़ में बंद बदरीनाथ हाईवे पर चट्टान से बोल्डर आ गिरा। ऐसे में यात्रा फिर बाधित हो गई। अब हाईवे बेहद खस्ता हालत में पहुंच गया है। यहां आवाजाही खतरे से खाली नहीं है। मेकाफेरी कंपनी के सीनियर सुपरवाइजर अनूप कंवाण को कहना है कि चट्टान से लगातार छिटक रहे पत्थरों से यहां हाईवे खोलने का काम भी शुरू नहीं हो पा रहा है। हाईवे बुधवार तक खोला जा सकता है। जोशीमठ के एसडीएम योगेंद्र सिंह ने बताया कि मौसम खराब होने के कारण हाईवे सुचारु नहीं किया जा सका है। प्रशासन की ओर से लामबगड़ में रोके जा रहे तीर्थयात्रियों के लिए निशुल्क जलपान की व्यवस्था भी की गई है।
सैनिक कालोनी में बाढ़ ने मचाई तबाही
कोटद्वार की सैनिक कालोनी में पनियाली गदेरे ने तबाही मचा दी। गदेरे के पानी ने कई लोगों की बाउंड्री वाल तोड़ डाली। पानी के घरों में घुसने से सामान खराब हो गया। सैनिक कालोनी के करीब 18 घरों में तबाही मची हुई है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर कालोनी के पूर्व सैनिकों में रोष है।
शुक्रवार रात से क्षेत्र में हो रही भारी बारिश के चलते काशीरामपुर मल्ला स्थित सैनिक कालोनी के पास पनियाली गदेरे की सुरक्षा दीवार बह गई। इसके चलते पानी के उफान ने कालोनी की ओर रुख कर दिया। इससे जसवंत सिंह नेगी, मोहन सिंह, नंदन सिंह, डबल सिंह बिष्ट, कुंवर सिंह गुसाईं आदि कई लोगों के मकान की बाउंड्रीवाल धरासायी हो गई। नदी का पूरा मलबा घरों में घुस गया। लोगों ने मकान से बाहर भागकर किसी प्रकार जान बचाई। बाढ़ के पानी से घर के अंदर का सामान खराब हो गया।
कालोनीवासियों ने कहा कि पिछले साल आपदा से हुए नुकसान का उन्हें एक रुपया मुआवजा नहीं दिया गया है। उस समय प्रशासन और सिंचाई विभाग ने कालोनी की सुरक्षा के लिए गदेरे पर सुरक्षा दीवार बनाने का आश्वासन दिया था, लेकिन उसके बाद विभाग के अधिकारी नजर नहीं आए। उन्होंने स्वयं ही अपने प्रयासों से बाढ़ सुरक्षा के लिए दीवार बनाई थी, जो कि इस उफान में बह गई और पूूरी कालोनी में पानी घुस गया। कालोनी के करीब 18 घरों में पानी घुसने के बाद लोग परेशान हैं, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से एक भी अधिकारी उनकी सुुध लेने के लिए नहीं पहुंचा है। उन्होंने प्रशासन से कालोनी के मलबे की सफाई कराने की मांग की।