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चार कत्ल और हत्यारा केवल एक
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 28 Oct 2014 09:18 AM IST
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देहरादून में जय सिंह, कुलवंत कौर, हरजीत कौर और सुखमणि की हत्या करने वाला अकेला हरमीत सिंह ही है।
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किसी और के शामिल होने का सुराग नहीं
अब तक की जांच के बाद पुलिस इसी निष्कर्ष पर पहुंची है। मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और कई लोगों के बयान दर्ज करने के बाद पुलिस को अब तक इस हत्या में किसी और के शामिल होने का कोई सुराग नहीं मिला है।
आदर्श नगर निवासी विज्ञापन कारोबारी जय सिंह, उनकी पत्नी कुलवंत कौर, बेटी हरजीत कौर और नातिन सुखमणि को उनके बेटे हरमीत सिंह ने दिवाली की रात चाकू से गोदकर मार डाला था। सवाल उठ रहे थे कि क्या हरमीत अकेले इतना खूनखराबा कर सकता है?
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शुरुआत में चश्मदीद कंवलजीत के पहले बयान में तीन नकाबपोशों का जिक्र आने के बाद कुछ संदेह बढ़ा था, लेकिन कुछ घंटों बाद ही कंवलजीत ने सिर्फ हरमीत का ही नाम लिया था। इसके बाद भी पुलिस ने किसी और की संलिप्तता जानने के लिए कई पहलुओं से जांच की। लेकिन करीब 22 मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगालने के बाद कुछ हाथ नहीं लग सका है।
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जांच में सामने आए तथ्य
- वादी अजय सिंह और नौकरानी के बयान से मालूम हुआ कि जब वे दोनों अलग-अलग जय सिंह के घर पहुंचे तो वहां हरमीत और कंवलजीत ही मौजूद थे, दरवाजा भीतर से बंद था, दोनों बार दरवाजा हरमीत ने ही खोला
- सीसीटीवी फुटेज और चौकीदार के बयान से भी उस रात किसी के आने-जाने की पुष्टि नहीं हुई
- चश्मदीद कंवलजीत के बयान में अकेले हरमीत द्वारा घटना किए जाने की बात सामने आई है
- खून से सने कपड़े और हरमीत की जख्मी अंगुलियों से भी उसके ही कत्ल करने की पुष्टि
इन बिंदुओं पर हुई जांच
- हरमीत की मां अनीता, भाई पारस और हनी सिंह के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालकर जाना गया कि उनके द्वारा किस-किस से और कब बातचीत हुई
- मां और दोनों बेटों से कई दौर में पूछताछ हुई, अकेले और सामूहिक रूप से भी सवाल-जवाब हुए, उनके बयानों में किसी तरह की असमानता नहीं मिली
- दिवाली की रात हरमीत से बात होने की बात अनीता ने पहले ही पुलिस को बता दी थी, जिसकी डिटेल में पुष्टि भी हुई, फोन भी मां ने ही किया था
- तीनों के मोबाइल की एक माह में दून के आसपास लोकेशन परखी गई, कई लोगों से उनके बयानों की पुष्टि कराई गई कि घटना के समय वह कहां मौजूद थे
लेकिन परिजनों को है शक
जयसिंह के परिजनों को हरमीत के अकेले वारदात को अंजाम देने पर तो शक नहीं है, लेकिन उन्हें आशंका है कि इसके पीछे किसी और का दिमाग हो सकता है। हालांकि, परिजन भी अपने शक के बाबत कोई ठोस सबूत पुलिस को नहीं दे सके हैं।
अब तक की जांच में हरमीत के अलावा किसी और की संलिप्तता सामने नहीं आ सकी है। पुलिस तमाम पहलुओं पर जांच पड़ताल कर चुकी है। भविष्य में यदि किसी के खिलाफ साक्ष्य मिलेंगे तो उस पर भी कार्रवाई होगी। पुलिस का इरादा किसी को फंसाने या बचाने का नहीं है।
- अजय सिंह, एसपी सिटी