{"_id":"58633bbb4f1c1b741aeec64a","slug":"harish-rawat-have-no-relief-from-mla-sting-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्टिंग प्रकरण में सीएम रावत को नहीं मिली राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्टिंग प्रकरण में सीएम रावत को नहीं मिली राहत
ब्यूरो / अमर उजाला, नैनीताल
Updated Wed, 28 Dec 2016 09:43 AM IST
विज्ञापन
हरीश रावत
- फोटो : अमरउजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नैनीताल हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री हरीश रावत के स्टिंग मामले में सीबीआई जांच प्रकरण पर सुनवाई के लिए सात जनवरी की तिथि नियत की है।
विज्ञापन
मंगलवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत को इस मामले में कोर्ट से भी राहत नहीं मिल पाई। उनकी ओर से तुरंत सुनवाई के लिए प्रार्थना की गई थी। सीबीआई के विरोध के बाद कोर्ट ने सात जनवरी को ही सुनवाई करना तय किया। मुख्यमंत्री की ओर से मंगलवार को हाईकोर्ट के स्थानीय अधिवक्ता ने अरजेंसी प्रार्थना पत्र दाखिल कर मामले पर तुरंत सुनवाई के लिए प्रार्थना की।
विज्ञापन
इस पर सीबीआई के अधिवक्ता की ओर से आपत्ति करते हुए कहा गया कि मामला पहले से ही सात जनवरी को सुनवाई के लिए नियत है। पहले सुने जाने की कोई अरजेंसी नहीं है।
विज्ञापन
सीबीआई की ओर से यह भी बताया गया कि मुख्यमंत्री हरीश रावत को 26 दिसंबर 2016 को 11 बजे सीबीआई हेडक्वार्टर नई दिल्ली में पूछताछ के लिए पेश होना था, लेकिन वे वहां नहीं पहुंचे। अधिवक्ता के मुताबिक मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पूर्व में कोर्ट में कहा था कि वह जांच में सहयोग करेंगे।
न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकल पीठ ने दोनों पक्षों को कहा कि वे आपस में सहमत हो जाएं कि किस दिन मामले की सुनवाई करनी है। कोर्ट ने कहा कि वे शनिवार या रविवार को भी मामला सुन सकते हैं। सीबीआई के अधिवक्ता ने नियत तिथि सात जनवरी को ही सुनवाई के लिए प्रार्थना की।
इसके बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए सात जनवरी की तिथि नियत की। विधायकों की खरीद फरोख्त के प्रकरण में स्टिंग के बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत सीबीआई जांच में उलझे हुए हैं। पूर्व में कोर्ट ने आदेश पारित कर कहा था कि प्रकरण पर एफआईआर दर्ज करने से पूर्व कोर्ट को सूचित किया जाएगा।