अब गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के साथ नहीं जुड़ेगा विद्यापीठ, 116 साल बाद बदला गया था नाम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
1902 में स्थापित गुरुकुल कांगड़ी विवि के साथ अब विद्यापीठ शब्द नहीं जोड़ा जाएगा। इस संबंध में गुरुकुल कांगड़ी विवि प्रशासन की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से कुछ शर्तों के साथ स्वीकृति दे दी गई है।
एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को डीम्ड विवि के नामों से विवि शब्द हटाने के लिए आदेशित किया था।
इस पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय और यूजीसी ने गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय का नाम बदलकर गुरुकुल कांगड़ी विद्यापीठ कर दिया था। इसको लेकर गुरुकुल कांगड़ी विवि प्रशासन और गुरुकुल की प्रबंधकीय आर्य प्रतिनिधि सभाओं ने अपनी आपत्ति जताई थी।
इस संबंध में विवि प्रशासन ने एक प्रस्ताव मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकर को भेजा था। इस पर सरकार ने गुरुकुल कांगड़ी विवि के साथ विद्यापीठ शब्द न जोड़े जाने पर कुछ शर्तों के साथ अपनी स्वीकृति दे दी है। गुरुकुल कांगड़ी विवि के कुलसचिव प्रो. दिनेश भट्ट ने इसकी पुष्टि की।
उन्होंने बताया कि गुरुकुल कांगड़ी विवि के नाम के साथ अब विद्यापीठ शब्द नहीं जोड़ा जाएगा। इस संबंध में विवि की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर सरकार ने तीन दिन पूर्व पत्र भेजकर स्वीकृति दे दी है। इसकी अंतिम घोषणा गजट नोटिफिकेशन में नाम प्रदर्शित करके की जाएंगी।