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गोर्खाली लोगों की आवाज बनेगा रेडियो स्टेशन घाम-छाया- राज्यपाल
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गोरखाली सुधार सभा में रेडियो स्टेशन घाम छाया के उद्घाटन समारोह में कलाकारों के साथ राज्यपाल गुर?
- फोटो : DEHRADUN
राज्यपाल ले.जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने बुधवार को गोरखाली सुधार सभा, गढ़ी कैंट में देश के पहले गोरखाली कम्युनिटी रेडियो स्टेशन ‘घाम छाया’ का उद्घाटन किया। राज्यपाल ने कहा कि रेडियो स्टेशन घाम-छाया गोरखाली समुदाय की आवाज से साथ समुदाय की समृद्धशाली संस्कृति, परंपराओं, भाषा, विरासत के संरक्षण में प्रभावी भूमिका निभाएगा।
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि वर्तमान समय मीडिया तथा सोशल मीडिया का है। बहुत से ऐसे लोग हैं जिनकी पहुंच मुख्यधारा की मीडिया तक नहीं है। यह कम्युनिटी रेडियो स्टेशन ऐसे वर्ग की आवाज बन सकता है। रेडियो स्टेशन के माध्यम से महिलाओं, बालिकाओं और युवाओं को भी सशक्त करेगा। बच्चों में राष्ट्रीयता की भावना को मजबूत करने तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ऐसा राज्य है, जहां कम्युनिटी रेडियो के कार्यक्रमों ने समाज को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्य में विकास का रोडमैप राज्य की सुंदर संस्कृति, अनूठी परंपराओं, विरासत तथा सद्भाव पर आधारित होना चाहिए। राज्य में कम्युनिटी रेडियो स्टेशन दूरस्थ पर्वतीय गांवों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि गोरखाली समुदाय का देश के विकास विशेषकर रक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। गोरखा सैनिक लड़ाई के मैदान में अपनी वीरता तथा साहस के लिए जाने जाते हैं। महावीर चक्र प्राप्त करने वाले सैनिक महावीर थापा, कैप्टन केएस थापा तथा परमवीर चक्र प्राप्त करने वाले कर्नल धन सिंह थापा जैसे वीर गोरखाली सैनिकों पर सभी को गर्व है। गोरखा सैनिकों की ईमानदारी, लगन, निष्ठा तथा समर्पण ने अत्यंत प्रभावित किया है। भारतीय सेना में आज 39 सबसे बेहतरीन इंफैन्ट्री बटालियन गोरखा सैनिकों की हैं।
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सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि घाम छाया रेडियो स्टेशन गोरखाली समुदाय की संस्कृति के संरक्षण में मील का पत्थर सिद्ध होगा। उत्तराखंड में बनने वाले पांचवें धाम सैन्य धाम के प्रचार-प्रसार में भी रेडिया स्टेशन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस अवसर पर ले.जनरल शक्ति गुरंग, ले.जनरल राम सिंह प्रधान, बिग्रेडियर पीएस गुरुंग, कैप्टेन पदम सिंह थापा, गोरखाली सुधार सभा की अध्यक्ष मधु गुरुंग, ओएनजीसी सीएसआर हेड विजय राज आदि मौजूद रहे।
देशभर में सुना जा सकेगा रेडियो स्टेशन घाम-छाया
घाम-छाया रेडियो स्टेशन देशभर में 90.0 एफएम पर सुना जा सकेगा। गूगल प्ले स्टोर से घाम छाया का एप भी डाउनलॉड किया जा सकता है। रेडियो स्टेशन का समय प्रात: 7 बजे से 11 बजे तथा सांय 5 बजे से 9 बजे तक रहेगा। इसका कार्यालय गोरखाली सुधार सभा गढ़ी कैंट में बनाया गया है। रेडियो घाम-छाया की स्थापना पत्रकार, लेखिका और सेवानिवृत्त ले.जनरल शक्ति गुरुंग की पत्नी मधु गुरुंग ने की है। मधु गुरुंग ने बताया कि रेडियो स्टेशन को ओएनजीसी से प्राप्त सीएसआर द्वारा वित्त पोषित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य नेपाली भाषा, संस्कृति, विरासत, इतिहास और गोरखाओं के पुराने लोकगीत और गीतों का संरक्षित करना है। इसके अलावा महिला सशक्तिकरण, बालिका, युवा सशक्तिकरण, सामाजिक विकास, करियर परामर्श, वीर गाथा, नेपाली लेखक उनके काम को लेकर एक विस्तृत शृंखला है। इसके अलावा राष्ट्र निर्माण में गोरखाओं के योगदान को आमजन को अवगत कराना भी रेडिया स्टेशन का उद्देश्य है। रेडिया स्टेशन पर गोरखाली के साथ ही अंग्रेजी, अंग्रेजी, हिंदी, गढ़वाल, कुमाऊंनी, जौनसारी भाषा संस्कृति को प्रचारित करना भी है।
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राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि वर्तमान समय मीडिया तथा सोशल मीडिया का है। बहुत से ऐसे लोग हैं जिनकी पहुंच मुख्यधारा की मीडिया तक नहीं है। यह कम्युनिटी रेडियो स्टेशन ऐसे वर्ग की आवाज बन सकता है। रेडियो स्टेशन के माध्यम से महिलाओं, बालिकाओं और युवाओं को भी सशक्त करेगा। बच्चों में राष्ट्रीयता की भावना को मजबूत करने तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ऐसा राज्य है, जहां कम्युनिटी रेडियो के कार्यक्रमों ने समाज को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्य में विकास का रोडमैप राज्य की सुंदर संस्कृति, अनूठी परंपराओं, विरासत तथा सद्भाव पर आधारित होना चाहिए। राज्य में कम्युनिटी रेडियो स्टेशन दूरस्थ पर्वतीय गांवों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि गोरखाली समुदाय का देश के विकास विशेषकर रक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। गोरखा सैनिक लड़ाई के मैदान में अपनी वीरता तथा साहस के लिए जाने जाते हैं। महावीर चक्र प्राप्त करने वाले सैनिक महावीर थापा, कैप्टन केएस थापा तथा परमवीर चक्र प्राप्त करने वाले कर्नल धन सिंह थापा जैसे वीर गोरखाली सैनिकों पर सभी को गर्व है। गोरखा सैनिकों की ईमानदारी, लगन, निष्ठा तथा समर्पण ने अत्यंत प्रभावित किया है। भारतीय सेना में आज 39 सबसे बेहतरीन इंफैन्ट्री बटालियन गोरखा सैनिकों की हैं।
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सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि घाम छाया रेडियो स्टेशन गोरखाली समुदाय की संस्कृति के संरक्षण में मील का पत्थर सिद्ध होगा। उत्तराखंड में बनने वाले पांचवें धाम सैन्य धाम के प्रचार-प्रसार में भी रेडिया स्टेशन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस अवसर पर ले.जनरल शक्ति गुरंग, ले.जनरल राम सिंह प्रधान, बिग्रेडियर पीएस गुरुंग, कैप्टेन पदम सिंह थापा, गोरखाली सुधार सभा की अध्यक्ष मधु गुरुंग, ओएनजीसी सीएसआर हेड विजय राज आदि मौजूद रहे।
देशभर में सुना जा सकेगा रेडियो स्टेशन घाम-छाया
घाम-छाया रेडियो स्टेशन देशभर में 90.0 एफएम पर सुना जा सकेगा। गूगल प्ले स्टोर से घाम छाया का एप भी डाउनलॉड किया जा सकता है। रेडियो स्टेशन का समय प्रात: 7 बजे से 11 बजे तथा सांय 5 बजे से 9 बजे तक रहेगा। इसका कार्यालय गोरखाली सुधार सभा गढ़ी कैंट में बनाया गया है। रेडियो घाम-छाया की स्थापना पत्रकार, लेखिका और सेवानिवृत्त ले.जनरल शक्ति गुरुंग की पत्नी मधु गुरुंग ने की है। मधु गुरुंग ने बताया कि रेडियो स्टेशन को ओएनजीसी से प्राप्त सीएसआर द्वारा वित्त पोषित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य नेपाली भाषा, संस्कृति, विरासत, इतिहास और गोरखाओं के पुराने लोकगीत और गीतों का संरक्षित करना है। इसके अलावा महिला सशक्तिकरण, बालिका, युवा सशक्तिकरण, सामाजिक विकास, करियर परामर्श, वीर गाथा, नेपाली लेखक उनके काम को लेकर एक विस्तृत शृंखला है। इसके अलावा राष्ट्र निर्माण में गोरखाओं के योगदान को आमजन को अवगत कराना भी रेडिया स्टेशन का उद्देश्य है। रेडिया स्टेशन पर गोरखाली के साथ ही अंग्रेजी, अंग्रेजी, हिंदी, गढ़वाल, कुमाऊंनी, जौनसारी भाषा संस्कृति को प्रचारित करना भी है।

गोरखाली सुधार सभा में रेडियो स्टेशन घाम छाया के उद्घाटन समारोह में दीप जलाकर शुभारंभ करते राज्य?- फोटो : DEHRADUN