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अब जीएसटी से तय होगा कौन कितना बड़ा भक्त, पढ़िये कैसे

Tue, 19 Sep 2017 02:00 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 19 Sep 2017 02:00 PM IST
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GST will decide how much devotion in the devotion
gst - फोटो : सोशल मीड‌िया

जीएसटी से हमारी धार्मिक भावनाओं पर कितना असर पड़ता है और भक्ति के ग्राफ में भी कितना उतार-चढ़ाव आता है ये देखना दिलचस्प होगा ।  गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) का असर आम जरूरी चीजों के अलावा पूजा-पाठ की सामग्री पर पड़ रहा है।

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नवरात्र में देवी पूजन के लिए मिलने वाली मिट्टी की मूर्तियां, शृंगार सामग्री, मोती माला, मुकुट, पोशाक आदि सामान महंगा हो गया है। अभी तक यह सभी सामान टैक्स फ्री थे, लेकिन जीएसटी के तहत इन पर पांच से 18 प्रतिशत के टैक्स लगने से लगने के बाद यह चीजें महंगी हो गई है इसका सीधा असर खरीदारी पर पड़ रहा है। 
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नवरात्र 21 सितंबर से शुरू हो रहे हैं। इसके बावजूद बाजार से रौनक गायब है कारण है जीएसटी। गुड्स एंड सर्विस टैक्स लागू होने के बाद देवी पूजन में लगने वाली शृंगार सामग्री के अलावा कई अन्य सामान काफी महंगा हो गया है।
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मिट्टी की मूर्ति पर 5 प्रतिशत, शृंगार सामग्री- 18 प्रतिशत, माता के कपड़े, धूपबत्ती-अगरबत्ती- 5 प्रतिशत, मोती माला- 18 प्रतिशत, कपूर- 18 प्रतिशत समेत कई और चीजों पर भी टेक्स लगाया गया है।  


जीएसटी से देवी शृंगार सामग्री से जुड़ी छोटी-छोटी चीजें दस से बीस प्रतिशत महंगी हो गई हैं। इसकी वजह से लोग खरीदारी करने से बच रहे हैं। इसके चलते लोगों के अलावा विक्रेता भी निराश हैं। विक्रेताओं का कहना है क‌ि पिछले नवरात्र के मुकाबले इस बार जीएसटी की वजह से कई चीजें महंगी हो गई हैं। इससे मुनाफा काफी कम हो गया और लोग खरीदारी से बच रहे हैं। 

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