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जीएसटी में ई-वे बिल सिस्टम अपग्रेड, अब नए सिरे से करा सकेंगे व्यापारी रजिस्ट्रेशन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 31 Dec 2017 09:50 PM IST
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जीएसटी में ई-वे बिल लागू करने के लिए राज्य कर विभाग ने सिस्टम को अपग्रेड किया है। जिससे ई-वे बिल में व्यापारियों को नए सिरे से पंजीकरण करना होगा। एक जनवरी यानी सोमवार से यह सिस्टम पंजीकरण के लिए खुल जाएगा।
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अभी तक प्रदेश के करीब 15 हजार से अधिक व्यापारी ई-वे बिल के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके थे, अब उन्हें दोबारा पंजीकरण करना पड़ेगा। सिस्टम में कुछ नए प्रावधानों को शामिल करने से एक फरवरी से पूरे देश में ई-वे बिल लागू होने से व्यापारियों को रजिस्ट्रेशन नंबर लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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उत्तराखंड में 15 दिसंबर से ई-वे बिल को ट्रायल के आधार पर लागू किया गया। ई-वे बिल में कुछ कमियां रहने के कारण राज्य कर विभाग ने सिस्टम को दोबारा से अपग्रेड किया। जिसके चलते शनिवार से ई-वे बिल सिस्टम बंद है।
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एक जनवरी से व्यापारियों के रजिस्ट्रेशन के लिए खुल जाएगा यह सिस्टम
illegal billing in army canteen
एक जनवरी से यह सिस्टम व्यापारियों का रजिस्ट्रेशन के लिए खुल जाएगा। ट्रायल के दौरान पाया कि ई-वे बिल में जो व्यापारी पंजीकरण करा रहे हैं, वह रजिस्ट्रेशन नंबर एक फरवरी से देश भर में लागू होने वाले ई-वे बिल सिस्टम में नहीं चलेगा। इसे दूर करने के लिए राज्य कर विभाग ने नए मॉडल के अनुसार ई-वे बिल सिस्टम को अपग्रेड किया है।
इसके बाद रजिस्ट्रेशन करने वाले व्यापारियों को दोबारा पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नए सिस्टम से अब व्यापारी एसएमएस और एंड्रायड फोन से भी पंजीकरण कर सकेंगे। साथ ही ई-वे बिल से संबंधित सभी जानकारी व्यापारी को एसएमएस के माध्यम से मिलेगी।
डिप्टी कमिश्नर राज्य कर विभाग एसएस तिरुवा ने बताया कि अपग्रेड करने के लिए 30 व 31 दिसंबर को ई-वे बिल सिस्टम को बंद रखा गया। एक जनवरी से सिस्टम खुल जाएगा। जो व्यापारी पहले रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, उन्हें भी नए सिरे से पंजीकरण करना होगा।
इसके बाद रजिस्ट्रेशन करने वाले व्यापारियों को दोबारा पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नए सिस्टम से अब व्यापारी एसएमएस और एंड्रायड फोन से भी पंजीकरण कर सकेंगे। साथ ही ई-वे बिल से संबंधित सभी जानकारी व्यापारी को एसएमएस के माध्यम से मिलेगी।
डिप्टी कमिश्नर राज्य कर विभाग एसएस तिरुवा ने बताया कि अपग्रेड करने के लिए 30 व 31 दिसंबर को ई-वे बिल सिस्टम को बंद रखा गया। एक जनवरी से सिस्टम खुल जाएगा। जो व्यापारी पहले रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, उन्हें भी नए सिरे से पंजीकरण करना होगा।