नैनीताल: चलती कार का दरवाजा खुलते ही सड़क पर गिरा बरात लेकर लौट रहा दूल्हा, हायर सेंटर रेफर
- घोड़ाखाल से दुल्हन लेकर रानीखेत जा रही थी बरात, दूल्हे के सिर में लगी गंभीर चोट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तराखंड में अल्मोड़ा-भवाली हाईवे स्थित कैंची धाम के पास चलती कार का दरवाजा खुलने से दूल्हा सड़क पर गिर गया। उसके सिर पर चोट आई है। भवाली सीएचसी से उसे हल्द्वानी रेफर किया गया है।
रानीखेत निवासी हरीश आर्य की बरात मंगलवार को घोड़ाखाल गई थी। शादी समारोह के बाद दोपहर एक बजे बरात रानीखेत वापस जा रही थी। लेकिन तभी कैंची धाम के पास अचानक हादसा हो गया। चालक ने कार रोककर बरातियों को सूचना दी।
इसके बाद दूल्हे को भवाली सीएचसी ले जाया गया, जहां से उसे हल्द्वानी के हायर सेंटर रेफर कर दिया। सीएचसी डॉक्टरों ने बताया कि हरीश के सिर में गंभीर चोट लगी है।
कार की टक्कर से घायल हुए बच्चे ने इलाज के दौरान दम तोड़ा
काशीपुर में कार की टक्कर से घायल हुए बच्चे ने इलाज़ के दौरान दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव मृतक के परिजनों को सौंप दिया है। बता दें कि तीन जून को ग्राम बैलजूड़ी निवासी शानू (12) पड़ोस में रहने वाले अब्दुल कादिर के साथ अपने भाई के फड़ पर गया था। बैलजूड़ी चौक पर शानू व कादिर आलम के फड़ को समेट रहे थे। इसी दौरान बेकाबू कार के चालक ने दोनों को टक्कर मार दी। हादसे में शानू व कादिर गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
सूचना पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में दोनों को काशीपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गम्भीर होने पर शानू को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान शानू की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद मृतक के शव को दफन कर दिया गया है।
मीनस-बुल्हाड़ मोटर मार्ग पर सड़क की खस्ताहालत के चलते हुआ था हादसा
चकराता में परिवहन विभाग की जांच में चकराता तहसील के राजस्व क्षेत्र बेगी के अंतर्गत मीनस-बुल्हाड़ मोटर मार्ग पर हुई दुर्घटना का कारण सड़क की खस्ताहालत सामने आया है। मामले में विभाग ने रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दी है।
मीनस-बुल्हाड़ मोटर मार्ग पर बीते रविवार को हुई दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए परिवहन विभाग की टीम मंगलवार को दुर्घटनास्थल पर पहुंची। जहां जांच के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि सड़क की खस्ताहालत के चलते हादसा हुआ। एआरटीओ रत्नाकर सिंह ने बताया कि जिस जगह पर हादसा हुआ वहां पर सड़क बेहद कच्ची और संकरी है।
प्रथम दृष्टया जांच में चालक की लापरवाही भी प्रतीत हो रही है। सड़क अब तक वाहनों के चलने के लिए पूरी तरह से फिट नहीं है। ऐसे में अंधेरे में सड़क पर वाहन ले जाने के कारण हादसा हुआ। बताया कि मामले में रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है।
मालूम हो कि बीते रविवार की शाम एक स्कार्पिया मीनस से करीब तीन किमी आगे अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी थी, जिससे कार सवार बारू सिंह (36) पुत्र रतिराम, कीरत सिंह(39) पुत्र नंदा और हीरा(40) पुत्र लोइमा सभी निवासी बायला की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि, मोहर सिंह (45) और चालक धर्म सिंह (42) दोनों निवासी ग्राम भटनौर तहसील सिलाई हिमाचल प्रदेश गंभीर रूप से घायल हो गए थे।