अच्छी खबर: निगमों और उपक्रमों में ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ी, 40 हजार कर्मचारियों को होगा फायदा
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उत्तराखंड सरकार ने सार्वजनिक निगमों और उपक्रमों में ग्रेच्युटी की सीमा को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया है। शासन के इस फैसले का लाभ उन निगमों और सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों को मिलेगा, जहां पहले से ग्रेच्युटी की सुविधा लागू है।
साथ ही जिन उपक्रमों में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत वेतनमान लागू कर दिया गया है। राज्य निगम कर्मचारी महासंघ के मुताबिक, इस फैसले से करीब 40 हजार कर्मचारी लाभान्वित होंगे। प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास मनीषा पंवार ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है।
राज्य कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी की सीमा को वर्ष 2016 में ही बढ़ा दिया गया था, तब से सार्वजनिक निगमों व उपक्रमों में भी ग्रेच्युटी की सीमा को बढ़ाने की मांग हो रही थी। ज्यादातर निगमों व उपक्रमों की वित्तीय स्थिति खराब होने की वजह से सरकार वहां फैसला लेने से हिचक रही थी।
निगम कर्मचारी महासंघ ने उठाया था मामला
हालांकि वित्त विभाग ने गत आठ मार्च को इस शर्त के साथ सहमति दे दी थी कि ग्रेच्युटी की सीमा में बढ़ोतरी से होने वाले अतिरिक्त भुगतान का बोझ प्रदेश सरकार नहीं उठाएगी। ये खर्च सार्वजनिक निगमों व उपक्रमों को खुद अपने संसाधनों से उठाना होगा।
राज्य निगम कर्मचारी महासंघ ने ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। महासंघ के प्रदेश महासचिव सूर्यप्रकाश राणाकोटी ने बताया कि पिछले दिनों महासंघ का एक प्रतिनिधिमंडल प्रमुख सचिव से मिला और उनसे राज्य कर्मियों की भांति ग्रेच्युटी की सीमा को बढ़ाने का अनुरोध किया।
जिसके बाद शासनादेश जारी हुआ। उन्होंने व महासंघ के प्रवीण रावत, रमेश नेगी, रविंद्र सिंह भगत, रविनंदन कुमार, रमेश कुमार, सुदेश शर्मा, रमेश प्रसाद शर्मा समेत कई अन्य कर्मचारी नेताओं ने प्रमुख सचिव का आभार व्यक्त किया।