गढ़वाल विवि के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को नहीं मिल रहा जीपीएफ, आत्मघाती कदम उठाने की दी चेतावनी
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गढ़वाल विवि प्रशासन अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भविष्य निधि (जीपीएफ) सहित कई अन्य भत्तों की धनराशि भी नहीं दे पा रहा है। ऐसे में सेवानिवृत्त कर्मचारी प्रशासनिक भवन के चक्कर काटने को मजबूर हैं। विवि प्रशासन का कहना है कि कर्मचारियों की भविष्य निधि का पैसा राज्य सरकार के पास अटका है। इस संबंध में मुख्यमंत्री से वार्ता हुई है।
गढ़वाल विवि में जनवरी 2018 से अब तक सेवानिवृत्त हुए करीब 25 से अधिक कर्मचारियों/शिक्षकों को जीपीएफ, ग्रेच्युटी सहित कई अन्य भत्तों की धनराशि प्राप्त नहीं हुई। सेवानिवृत्त कर्मचारियों का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद भविष्य निधि की धनराशि से उन्होंने कई कार्यों को संपन्न करने की योजना बनाई थी, लेकिन विवि की ओर से उन्हें यह धनराशि नहीं दी जा रही है। इससे उनके समक्ष कई समस्याएं खड़ी हो गई हैं।
अब कुछ सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने जल्द जीपीएफ, ग्रेच्युटी जैसी धनराशि न दिए जाने पर आत्मघाती कदम उठाने की चेतावनी भी दी है। वहीं विवि प्रशासन का कहना है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को जल्द उनकी जीपीएफ की राशि व अन्य भत्ते दिए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पूर्व अध्यक्ष शिक्षणेत्तर कर्मचारी परिषद, गढ़वाल विवि विक्रम सिंह रावत का कहना है कि गढ़वाल विवि प्रशासन अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को जीपीएफ, ग्रेच्युटी सहित अन्य भत्ते नहीं दे पा रहा है। सेवानिवृत्त कर्मचारी जीपीएफ व ग्रेच्युटी सहित अन्य भत्तों के लिए प्रशासनिक भवन का चक्कर काट रहे हैं।
- गढ़वाल विवि के जीपीएफ की धनराशि राज्य सरकार के पास अटकी हुई है। ग्रेच्युटी का पैसा यूजीसी से आता है। जीपीएफ के मामले में मुख्यमंत्री से बात हुई है। जल्द ही सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।
प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल गढ़वाल विवि।