गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने की तिथि घोषित, इस दिन शुभ मुहूर्त में होगी पूजा अर्चना
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गंगोत्री धाम के कपाट आगामी आठ नवंबर को अन्नकूट के पावन पर्व पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे, जबकि यमुनोत्री मंदिर के कपाट अगले दिन नौ नवंबर को भैयादूज के पर्व पर बंद होंगे। नवरात्र की अष्टमी के पर्व पर गंगोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों ने पंचांग के अनुसार कपाट बंद करने का मुहूर्त निकाला, जबकि यमुनोत्री मंदिर के कपाट बंद का मुहूर्त रामनवमी के दिन तय किया जाएगा।
बुधवार को गंगोत्री धाम में तीर्थ पुरोहितों की बैठक में मंदिर के कपाट बंद करने का मुहूर्त निकाला गया। मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि पंचांग के अनुसार आठ नवबंर को अन्नकूट के पावन पर्व पर दोपहर साढ़े बारह बजे विधि विधान के साथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। इसके बाद शीतकाल में श्रद्धालु गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखबा स्थित गंगा मंदिर में मां गंगा के दर्शन और पूजा-अर्चना का पुण्य लाभ अर्जित कर पाएंगे।
इस मौके पर मंदिर समिति के अध्यक्ष मुकेश सेमवाल, गणेश सेमवाल, संजीव सेमवाल, अरुणा सेमवाल, प्रेमवल्लभ सेमवाल आदि तमाम तीर्थ पुरोहित मौजूद रहे। उधर यमुनोत्री मंदिर समिति के पूर्व सचिव पुरुषोत्तम उनियाल ने बताया कि यमुनोत्री मंदिर के कपाट भैयादूज के पावन पर्व पर 9 नवंबर को बंद किए जाएंगे। इसका मुहूर्त रामनवमी के दिन तय किया जाएगा। कपाट बंद होने के बाद श्रद्धालु मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खरसाली गांव स्थित यमुना मंदिर में दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर सकेंगे।
आपदा के बाद इस साल पटरी पर लौटी चार धाम यात्रा
आपदा के बाद इस बार चार धाम यात्रा पटरी पर लौट आई है। इस सीजन में अभी तक 4,60,553 तीर्थयात्री गंगोत्री और 3,79,730 तीर्थयात्री यमुनोत्री धाम पहुंच चुके हैं। वर्ष 2013 की आपदा के बाद इस बार सर्वाधिक तीर्थयात्रियों ने इन दोनों धामों की यात्रा की है। अभी धामों के कपाट बंद होने में करीब 22 दिन शेष हैं। ऐसे में तीर्थयात्रियों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
इससे पहले वर्षों से चल रही चार धाम यात्रा में वर्ष 2011 में सर्वाधिक 4,79,757 तीर्थयात्री गंगोत्री और 4,67,502 तीर्थयात्री यमुनोत्री धाम पहुंचे थे। चालू वर्ष में इन दोनों धामों में पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या का रिकार्ड टूटने की उम्मीद थी, लेकिन ओजरी डबरकोट वाले हिस्से में यमुनोत्री हाईवे लंबे समय तक अवरुद्ध रहने के कारण अपेक्षित संख्या में तीर्थयात्री नहीं पहुंच पाए।
तीर्थ पुरोहित एवं यात्रा कारोबारियों ने सरकार से ओजरी डबरकोट वाले हिस्से के साथ ही यात्रा मार्ग के अन्य डेंजर जोन वाले हिस्सों को अगले यात्रा सीजन से पूर्व दुरुस्त कराने की मांग की है। ब्यूरो