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बागेश्वर: आंसुओं के सैलाब के बाद अनुसूचित जाति और सवर्ण बच्चों के बीच हुई दोस्ती

Wed, 25 Jul 2018 10:03 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गरुड़ (बागेश्वर)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गरुड़ (बागेश्वर) Updated Wed, 25 Jul 2018 10:03 PM IST
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friendship between upper caste students and dalit student
- फोटो : डेमो फोटो

राजकीय इंटर कॉलेज तिलसारी में बुधवार को सदियों की कसक उभरकर सामने आई तो उड़खुली के बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावक और उपजिलाधिकारी गरुड़ की आंखों में भी आंसू तैर गए। तीन घंटे के परामर्श सत्र में अनुसूचित जाति के छात्रों ने इस कसक को दरकिनार किया और सवर्ण छात्रों ने सदियों के इस फासले को कम करने के लिए दोस्ती का हाथ बढ़ाया। सवर्ण छात्रों के डर से अनुसूचित जाति के छात्रों के स्कूल न जाने के मामले में बात आखिरकार बन ही गई। 

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उड़खुली के अनुसूचित जाति के 36 बच्चों के सवर्ण बच्चों के डर से स्कूल न जाने के मामले में उपजिलाधिकारी गरुड़ सुंदर सिंह बुधवार को राजकीय इंटर कालेज तिलसारी पहुंचे। परामर्श के लिए यहां पर अनुसूचित जाति और सवर्ण जाति के बच्चे, उनके अभिभावक, कॉलेज के शिक्षक आदि जुटे। तीन घंटे के इस परामर्श सत्र में आगर, मटे, तिलसारी और नरग्वाड़ी के सवर्ण बच्चों ने उड़खुली के बच्चों के साथ मारपीट की बात स्वीकार की। उड़खुली की बारी आई तो बच्चों के अभिभावकों की छात्रों के भविष्य की चिंता, डर, अपमान भी आंसुओं में सामने आ गया।
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अभिभावकों ने कहा कि कल उनके बच्चे बाहर पढ़ने जाएंगे, ऐसे में वहां भी उनके साथ भेदभाव हुआ तो क्या होगा। इनकी आंखें नम हुईं तो बच्चों की आंखों में भी आंसू तैर आए। आंसुओं के रूप में इस समाज की पीड़ा सामने आई तो एसडीएम सुंदर सिंह भी फफक पड़े। माहौल इसके बाद बदला और सवर्ण बच्चों ने उड़खुली के बच्चों से दोस्ती का हाथ बढ़ाकर एक मैत्री पौधा भी रोपा। पीड़ित अभिभावक कुंवर राम सहित अन्य ने भी राजस्व पुलिस वज्यूला को दी गई तहरीर वापस लेने का पत्र उपजिलाधिकारी को सौंपा। बीईओ यूएस रावत, प्रधानाचार्य राम कुमार वर्मा, थानाध्यक्ष मदन लाल, पटवारी बीएस मटियानी, बीआरसी समन्वयक उमेश जोशी, ग्राम प्रधान तिलसारी गोविंद बल्लभ पांडे, हरीश पांडे, नरग्वाड़ी के प्रधान राजेंद्र परिहार आदि मौजूद थे।
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पटवारी की भूमिका की जांच, प्रधानाचार्य को हिदायत 
बच्चों के बीच भेदभाव में यह भी सामने आया था कि पटवारी बीएस मटियानी ने उड़खुली के लोगों की तहरीर पर समय से रिपोर्ट दर्ज नहीं की। उपजिलाधिकारी की फटकार के बाद मंगलवार को अज्ञात के खिलाफ यह रिपोर्ट दर्ज की गई। जिलाधिकारी रंजना राजगुरु के मुताबिक पटवारी की भूमिका की जांच की जाएगी। डीएम का कहना है कि इस तरह की घटना किसी और स्कूल में सामने आई तो प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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