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Child Labour: देहरादून में तीन दुकानों से चार बाल श्रमिक को कराया गया मुक्त, संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

Mon, 19 Dec 2022 06:18 PM IST
देहरादून ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Mon, 19 Dec 2022 06:18 PM IST
सार

श्रम प्रवर्तन अधिकारी बृजमोहन की तहरीर के आधार पर तीन दुकान संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच एसआई मुकेश नेगी को सौंपी गई है। बच्चों को जिला बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया।

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Four child laborers were freed from three shops
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

विस्तार

थाना पुलिस ने सेलाकुई स्थित तीन दुकानदारों के खिलाफ बाल श्रम प्रतिषेध व विनियमन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इन दुकानों पर पढ़ाई की उम्र में चार बच्चे बाल श्रमिक के रूप में काम कर रहे थे। थानाध्यक्ष सेलाकुई प्रदीप रावत ने बताया कि बाल श्रम कराए जाने की शिकायत पर बीते रविवार को जिला टास्क फोर्स और बचपन बचाओ आंदोलन संस्था के लोगों ने श्रम विभाग के सहयोग से सेलाकुई स्थित दुकानों में जांच की।

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इस दौरान तीन दुकानों में बाल श्रम कर रहे चार बच्चों को मुक्त कराया गया। उन्होंने बताया कि श्रम प्रवर्तन अधिकारी बृजमोहन की तहरीर के आधार पर मिलन चौक स्थित मटन एंड चिकन शॉप के मालिक दिलशाद, कबाड़ की दुकान चलाने वाले अरशद और ऑटो रिपेयरिंग सेंटर के मालिक शाहरुख के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच एसआई मुकेश नेगी को सौंपी गई है।
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बचपन बचाओ आंदोलन के राज्य समन्वयक सुरेश उनियाल ने बताया कि मुक्त कराए गए बच्चों को जिला बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। बच्चों का मेडिकल और काउंसलिंग कराई गई। फिलहाल बच्चों को उनके परिजनों को नहीं सौंपा गया है। इस पर फैसला समिति लेगी।
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बच्चों को समर्पण सोसायटी के ओपन सेंटर में रखा गया है। उन्होंने कहा कि बाल श्रम उन्मूलन को लेकर संस्था का अभियान लगातार जारी रहेगा। बच्चों को पढ़ाई की बजाय बाल मजदूरी में धकेला जा रहा है, जो कानून का उल्लंघन है। कार्रवाई में श्रम प्रवर्तन अधिकारी अश्वनी कुमार, जिला बाल संरक्षण इकाई के प्रवीण चौहान शामिल रहे।

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