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वन विकास निगम कर्मचारियों ने थाली बजाकर किया प्रदर्शन
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अपनी मांगों को लेकर परेड ग्राउंड तिब्बत मार्केट के समीप थाली कटोरा बजाकर विरोध प्रदर्शन करते उत?
- फोटो : CITY
वन विकास निगम में हुए वित्तीय घोटाले के दोषी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के साथ ही आडिट आपत्तियों की आड़ में कर्मचारियों के उत्पीड़न पर रोक लगाए जाने की मांग को लेकर वन विकास निगम के कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन जारी है। एक दिन पूर्व वन मंत्री के आवास पर धरना प्रदर्शन करने के बाद निगम कर्मचारियों ने शुक्रवार को प्रेस क्लब पर थाली बजाकर प्रदर्शन किया।
इस मौके पर वन विकास निगम कार्मिक संयुक्त मंच के संयोजक टीएस बिष्ट ने कहा कि वन विकास निगम में 2016 में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के मामले सामने आए थे। जिसकी जांच महाप्रबंधक कुमाऊं और वन विकास निगम के ऑडिट विंग द्वारा की गई थी। जांच में यह बात सामने आई थी कि आला अधिकारियों की शह पर तमाम अधिकारियों को फर्जी यात्रा बिल पास करने के साथ ही फर्जी तरीके से खरीदारी की गई। जांच रिपोर्ट उजागर होने के बाद बावजूद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई।
संयोजक पीएस बिष्ट ने कहा कि ऑडिट आपत्तियों के नाम पर कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष घनश्याम कश्यप ने कहा कि शासन के आदेशों के बावजूद कर्मचारियों को पदोन्नति नहीं दी जा रही है। जबकि अपने अधिकारियों को पदोन्नति दी जा रही है जो सेवा नियमावली का उल्लंघन है।
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कर्मचारी नेता पूरन सिंह रावत ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कर्मचारियों का उत्पीड़न नहीं रोका गया तो प्रदेश भर के कर्मचारी राज्यव्यापी आंदोलन करेंगे। प्रबंधन आडिट आपत्तियों के नाम पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों से वसूली कर रहा है जिसे जायज नहीं ठहराया जा सकता है। कर्मचारियों को एटक जिलाध्यक्ष अश्विनी कुमार त्यागी, मोहन सिंह कुरियाल, दीपक बड़थ्वाल, राजेंद्र भट्ट, पीएल श्रीवास्तव समेत कई कर्मचारियों कर्मचारी नेताओं ने संबोधित किया।
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इस मौके पर वन विकास निगम कार्मिक संयुक्त मंच के संयोजक टीएस बिष्ट ने कहा कि वन विकास निगम में 2016 में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के मामले सामने आए थे। जिसकी जांच महाप्रबंधक कुमाऊं और वन विकास निगम के ऑडिट विंग द्वारा की गई थी। जांच में यह बात सामने आई थी कि आला अधिकारियों की शह पर तमाम अधिकारियों को फर्जी यात्रा बिल पास करने के साथ ही फर्जी तरीके से खरीदारी की गई। जांच रिपोर्ट उजागर होने के बाद बावजूद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई।
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संयोजक पीएस बिष्ट ने कहा कि ऑडिट आपत्तियों के नाम पर कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष घनश्याम कश्यप ने कहा कि शासन के आदेशों के बावजूद कर्मचारियों को पदोन्नति नहीं दी जा रही है। जबकि अपने अधिकारियों को पदोन्नति दी जा रही है जो सेवा नियमावली का उल्लंघन है।
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कर्मचारी नेता पूरन सिंह रावत ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कर्मचारियों का उत्पीड़न नहीं रोका गया तो प्रदेश भर के कर्मचारी राज्यव्यापी आंदोलन करेंगे। प्रबंधन आडिट आपत्तियों के नाम पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों से वसूली कर रहा है जिसे जायज नहीं ठहराया जा सकता है। कर्मचारियों को एटक जिलाध्यक्ष अश्विनी कुमार त्यागी, मोहन सिंह कुरियाल, दीपक बड़थ्वाल, राजेंद्र भट्ट, पीएल श्रीवास्तव समेत कई कर्मचारियों कर्मचारी नेताओं ने संबोधित किया।