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मत्स्य पालन के जरिये बदल रही किसानों की किस्मत

Thu, 11 Jul 2019 01:33 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jul 2019 01:33 AM IST
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Fisheries can earn good earnings
मत्स्य पालन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रेखा आर्य ने कहा कि मत्स्य पालन के जरिये किसानों की किस्मत बदल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछली सरकार में मत्स्य पालन के लिए अलग से मंत्रालय बना दिया था। मत्स्य पालन के जरिये किसान अपनी आमदनी कई गुणा कर सकते हैं। वह बुधवार को सर्वे चौक स्थित आईआरटीडी ऑडिटोरियम में मत्स्य पालक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। इस दौरान उन्होंने लाभार्थियों को चार मोबाइल फिश आउटलेट एवं चार ई-रिक्शा मोबाइल का वितरण किया।
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उन्होंने कहा कि मत्स्य पालकों से व्यावसायिक दर से बिजली का बिल वसूलने की बातें सामने आ रही हैं, जिस पर राहत देने के प्रयास किए जाएंगे। इससे राहत देने के लिए सोलर पावर सपोर्ट सिस्टम भी दिया गया है। आज प्रदेश में आठ हजार मत्स्य पालक हैं। किसान मत्स्य पालन के जरिये अपनी आमदनी दोगुनी कर सकते हैं। इसके लिए को-ऑपरेटिव बैंक से ब्याज मुक्त लोन की सुविधा है। जो किसानों को आर्थिक रूप से सक्षम करने में अहम योगदान देगा। 70 प्रतिशत विभाग और 30 प्रतिशत खर्च किसान को खुद करना पड़ता है। किसान, कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन के जरिये अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं।
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सचिव मत्स्य मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं। तालाबों को प्रदूषण मुक्त करने, बाउंड्रीवाल करने के साथ ही मार्केटिंग आदि का प्रशिक्षण देने का कार्य चल रहा है। नई तकनीकी का इस्तेमाल कर उत्पादन क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। मत्स्य पालन के जरिये आय में बढ़ोतरी की जा सकती है। नील क्रांति के जरिये नए क्षेत्रों को मत्स्य पालन के लिए विकसित किया जाना है। इसके तहत रियरिंग तालाब निर्माण के लिए छह लाख रुपये प्रति हेक्टेयर का खर्च किया जाना है। इसके अलावा रनिंग वाटर तालाब निर्माण, ट्राउट फार्मिंग यूनिट का भी निर्माण किया जाना है। इस मौके पर अपर सचिव मत्स्य देवकृष्ण तिवारी, सहायक निदेशक मत्स्य अल्पना हल्दिया, विनोद यादव के साथ ही प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के मत्स्य पालक मौजूद रहे।
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इन्हें मिला मोबाइल फिश आउटलेट
- मोहन सिंह बिष्ट, ऊधमसिंह नगर
- कौशल पोखरियाल, नैनीताल
- शशिभूषण कुकरेती, पौड़ी
- विक्रम सिंह, हरिद्वार
इन्हें मिला ई-रिक्शा मोबाइल
- यशपाल, देहरादून
- कपिल जोशी, देहरादून
- संदीप, हरिद्वार
- राजकुमार, ऊधमसिंह नगर
प्रदर्शनी के जरिये दी जानकारी
सर्वे चौक स्थित आईआरटीडी ऑडिटोरियम में मछलियों की विभिन्न प्रजातियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। जिसमें मछलियों की प्रजातियों कॉमन कार्प, ग्रास कार्प, सिल्वर कार्प, मृगल, रोहू, कतला, आमुर कार्प, पंगास, महाशीर, ट्राउट आदि का प्रदर्शन किया गया। साथ ही इन प्रजातियों के जरिये रोजगार कर कितनी कमाई की जा सकती है, इसकी भी जानकारी दी।
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