उत्तराखंड: अल्मोड़ा की लीसा फैक्ट्री और रुड़की के एक घर में लगी आग, भागकर बचाई जान
दिवाली की रात जालधौलाड़ स्थित ग्राम स्वराज मंडल सोसायटी लीसा और बिरोजा फैक्टी में आग लग गई। अग्निकांड में फैक्ट्री में रखा लीसा और मशीनें जल गईं। आग की लपटें काफी ऊंची उठने से लोग आग बुझाने में असफल रहे। अल्मोड़ा से फायर ब्रिगेड के तीन वाहन मंगाए गए। चार घंटे बाद आग बुझाई जा सकी।
आग लगने का कारण अज्ञात है। फैक्ट्री मालिक के अनुसार लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। इससे पूर्व भी पिछले साल पांच जून 2018 को इसी फैक्ट्री में आग चुकी है। उधर, रुड़की के एक घर में भी आग लग गई। गनीमत रही कि परिवार वालों की आंख खुल गई और उन्होंने घर से बाहर निकलकर जान बचाई।
रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे जालधौलाड़ स्थित लीसा और बिरोजा फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर त्यौहार पर घर चले गए थे। उनके जाने के करीब एक घंटे बाद शाम 7:30 बजे लीसा और बिरोजा फैक्ट्री में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी फैक्ट्री को चपेट में ले लिया और ऊंची लपटें उठने लगीं। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना फैक्ट्री मालिक चनौदा निवासी बालम भाकुनी और सोमेश्वर पुलिस को दी।
थानाध्यक्ष रमेश बोहरा के नेतृत्व में पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे और अल्मोड़ा से फायर ब्रिगेड मंगाई गई। पुलिस और लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग की ऊंची उठतीं लपटों के चलते लोग आग बुझाने में सफल नहीं हो सके।
अल्मोड़ा से रात करीब 9:35 बजे फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। लेकिन तब तक फैक्ट्री में रखा लीसा, बिरोजा समेत अन्य सामान जल गया था। करीब चार घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। फैक्ट्री मालिक बालम भाकुनी ने बताया कि फैक्ट्री में करीब एक करोड़ का मशीन प्लांट समेत अन्य सामान था, जो करीब 75 फीसदी जल चुका है। सर्वेयर की रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक नुकसान की जानकारी मिल सकेगी। इधर थानाध्यक्ष रमेश बोहरा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। आकलन के बाद ही कितना नुकसान हुआ इसके बारे में कहा जा सकता है।
घर में लगी आग, आंख खुली तो भागकर बचाई जान
रुड़की में भी दिवाली की रात एक ग्रामीण के घर में अचानक आग लग गई। गनीमत रही कि परिवार वालों की आंख खुल गई और उन्होंने घर से बाहर निकलकर जान बचाई। वहीं, आग से घर में रखा अधिकतर सामान जलकर राख हो गया। सैकड़ों ग्रामीणों ने मौके पर पहुंच किसी तरह आग पर काबू पाया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। वहीं, ग्रामीण ने एक व्यक्ति पर घर में आग लगाने का शक जताया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र स्थित गांव टोडा कल्याणपुर निवासी अनुज सैनी किसान हैं। उनके परिवार में पत्नी समेत तीन सदस्य हैं। अनुज सैनी के अनुसार, दीपावली की रात पूजा पाठ करने बाद वह खाना खाकर घर के आंगन में छप्पर के नीचे सो रहे थे जबकि परिवार के सदस्य कमरे में सो रहे थे। आरोप है कि रात तीन बजे किसी ने आग लगाने के लिए घर में कुछ सामान फेंका और अचानक आग भड़क गई।
लपटें देख उनकी आंख खुली तो शोर मचा दिया। शोर सुनकर परिवार के सदस्य भी उठ गए। देखते ही देखते ने आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। उन्होंने किसी तरह परिवार के सदस्यों के साथ घर से बाहर निकलकर जान बचाई और शोर मचा दिया।
शोर सुनकर आसपास के लोग भी जाग गए और मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बाल्टियों में पानी भरकर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक अधिकतर सामान जलकर राख हो गया था। सूचना मिलते ही पुलिस गांव पहुंची। अनुज ने बताया कि उन्होंने गांव के ही एक व्यक्ति को भागते हुए देखा था। आशंका जताई कि उसी ने घर में ज्वलनशील पदार्थ फेंक आग लगाई है।
आग से चारपाई समेत अन्य सामान जल गया। गनीमत रही कि आग की चपेट में परिवार के सदस्य और बाइक व सिलेंडर नहीं आया। अगर सिलेंडर में आग पकड़ लेती तो बड़ा हादसा हो सकता था। कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि आग के कारणों का पता लगाया जा रहा है। तहरीर आने पर मामले में कार्रवाई की जाएगी।