{"_id":"61bb95eb4335ac7bff3c1621","slug":"file-suppressed-even-after-dgp-s-order-asi-suspended-city-news-drn3989732160","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीजीपी के आदेशों के बाद भी क्लर्क ने दबा दी जांच फाइल, निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीजीपी के आदेशों के बाद भी क्लर्क ने दबा दी जांच फाइल, निलंबित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आदेशों की अवहेलना करने पर मुकदमे के बाबू एएसआई (सहायक सब इंस्पेक्टर) को डीजीपी ने निलंबित करने के आदेश दिए हैं। आरोप है कि एक मुकदमे में विवेचना अधिकारी को सस्पेंड करने के बाद एएसपी को भेजी जाने वाली जांच प्रेषित नहीं की थी। मामले में बृहस्पतौविार को समीक्षा हुई तो डीजीपी ने इस एएसआई को भी सस्पेंड करने के आदेश दिए हैं।
पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार डीजीपी अशोक कुमार ने 22 दिसंबर 2020 को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से एक शिकायत सुनी थी। शिकायत विवेक कुमार निवासी बहादराबाद ने की थी। विवेक कुमार के खिलाफ बहादराबाद थाने में एक धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज था। इसमें विवेचना अधिकारी समझौते का दबाव बनाया जा रहा था। इन आरोपों को डीजीपी ने समीक्षा की और पत्रावलियों को देखा गया। सभी पक्षों को सुना गया। इस पर विवेचना अधिकारी को दोषी मानते हुए उसे निलंबित करने के आदेश दिए गए थे। इसके बाद जांच को एएसपी को सौंपने के निर्देश दिए गए थे।
इस जांच फाइल को एएसपी को प्रेषित करने की जिम्मेदारी एएसआई आलोक कुमार के ऊपर थी। लेकिन, आलोक कुमार ने आदेशों की अवहेलना की। इन आदेशों के क्रम में अग्रिम कार्रवाई की सूचना समय से उच्चाधिकारियों को नहीं दी। लिहाजा, अलोक कुमार को भी निलंबित करने के आदेश एसएसपी हरिद्वार को दिए गए हैं। भविष्य में इस तरह की कोताही बरतने वाले अधिकारियों को चेतावनी भी दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार डीजीपी अशोक कुमार ने 22 दिसंबर 2020 को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से एक शिकायत सुनी थी। शिकायत विवेक कुमार निवासी बहादराबाद ने की थी। विवेक कुमार के खिलाफ बहादराबाद थाने में एक धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज था। इसमें विवेचना अधिकारी समझौते का दबाव बनाया जा रहा था। इन आरोपों को डीजीपी ने समीक्षा की और पत्रावलियों को देखा गया। सभी पक्षों को सुना गया। इस पर विवेचना अधिकारी को दोषी मानते हुए उसे निलंबित करने के आदेश दिए गए थे। इसके बाद जांच को एएसपी को सौंपने के निर्देश दिए गए थे।
विज्ञापन
इस जांच फाइल को एएसपी को प्रेषित करने की जिम्मेदारी एएसआई आलोक कुमार के ऊपर थी। लेकिन, आलोक कुमार ने आदेशों की अवहेलना की। इन आदेशों के क्रम में अग्रिम कार्रवाई की सूचना समय से उच्चाधिकारियों को नहीं दी। लिहाजा, अलोक कुमार को भी निलंबित करने के आदेश एसएसपी हरिद्वार को दिए गए हैं। भविष्य में इस तरह की कोताही बरतने वाले अधिकारियों को चेतावनी भी दी गई है।
विज्ञापन