फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   female students said there is no Guarantee to reached home from school

छात्राएं बोली, सर स्कूल से घर सुरक्षित पहुंचने की नहीं हैं गारंटी

Thu, 13 Jul 2017 08:15 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
ब्यूरो/ अमर उजाला, रुद्रप्रयाग Updated Thu, 13 Jul 2017 08:15 PM IST
विज्ञापन
female students said there is no Guarantee to reached home from school
school condition

सर, घर से स्कूल आने की तो गारंटी है। लेकिन स्कूल से घर सुरक्षित पहुंच जाए, इसकी कोई गारंटी नहीं है। विद्यालय भवन कभी भी ढह सकता है, बरसात में जो पानी बाहर बरस रहा है। वहीं पानी छत और दीवारों से कमरों और बरामदे में भी टपक रहा है। छत और दीवारों के पत्थर या कड़ी छिटक कर सिर पर गिर जाए पता नहीं। ये शब्द हाईस्कूल क्यार्क-बरसूड़ी में कक्षा 8 में पढने वाली छात्रा सुमन, सिमरन और कल्पना के हैं। 

विज्ञापन


बसुकेदार तहसील का हाईस्कूल क्यार्क-बरसूड़ी का भवन हादसों को न्यौता दे रहा है। यहां वर्तमान शिक्षण सत्र में 110 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। लेकिन, स्कूल में न पर्याप्त कक्ष हैं और न संसाधन। वर्ष 2014 में जूनियर से हाईस्कूल में उच्चीकृत हुए इस विद्यालय को आज तक अपना भवन नहीं मिल पाया है।
विज्ञापन


जबकि तत्कालीन विधायक शैलारानी रावत ने उद्घाटन के दिन नए स्कूल भवन की घोषणा की थी। लेकिन चार वर्ष बीत जाने के बाद भी कक्षाएं जर्जर पुराने भवन पर चल रही है, जो कभी भी ढह सकता है। भवन के हालात यह है कि, बरसात का पानी जो बाहर बरस रहा है, वह छत और दीवारों से कक्षा कक्षों और बरामदे में भी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसे में यहां बैठना तो दूर, खड़ा होना भी मुश्किल हैं। खिड़की, दरवाजे, तख्ते और कडिय़ां जगह छोड़ चुकी हैं, जिससे दीवार से पत्थर या कड़ी कब छिटक जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। बावजूद जूनियर कक्षाएं जहां जर्जर भवन में चल रही हैं। वहीं हाईस्कूल के बच्चे मैदान के किनारे टिन के छप्पर में पढने को मजबूर हैं। जहां बरसाती घास में सांप व अन्य कीड़ों का डर है। 

60 से अधिक स्कूल भवन जर्जर

female students said there is no Guarantee to reached home from school
teachers and students are helpless

जिले में प्राथमिक से लेकर माध्यमिक तक 60 से अधिक भवन जर्जर होकर हादसों को न्यौता दे रहे हैं। जूनियर हाईस्कूल बैरागणा, प्राथमिक विद्यालय सन-क्यार्क, तोलब, कर्णधार, जीआईसी बीरो-देवल, जूहा भुनका सहित 60 से अधिक स्कूल भवन जर्जर हाल में हैं, जो कभी भी किसी हादसे का कारण बन सकते हैं। सबसे बुरी स्थिति ऊखीमठ और जखोली ब्लाक के विद्यालयों की बनी हुई है।

मुख्य शिक्षाधिकारी रुद्रप्रयाग चित्रागन काला ने बताया कि हाईस्कूल क्यार्क-बरसूड़ी में दो कक्षा कक्ष व शौचालय का निर्माण जिला योजना में किया जाएगा। बजट पारित हो चुका है। अन्य जर्जर व जीर्ण-शीर्ण विद्यालय भवनों के बारे बीईओ कार्यालय से सूची मांगी जा रही है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed