एक्सक्लूसिव: देहरादून के उत्तराखंड तकनीकी विवि में साइबर सुरक्षा व रोबोट बनाना सीखेंगे छात्र
नई शिक्षा नीति के तहत उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) संबद्ध कॉलेजों के बी.टेक छात्रों को कई नए रोचक विषय भी पढ़ाएगा। इसके लिए विवि ने साइबर सिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जैसे अहम विषय पाठ्यक्रम में जोड़ने का फैसला लिया है।
इससे छात्र साइबर सुरक्षा के साथ ही रोबोट बनाना सीख सकेंगे। एकेडमिक काउंसिल से भी इन विषयों को मंजूरी मिल चुकी है। यूटीयू की ओर से नई शिक्षा नीति का अध्ययन कर तकनीकी व मैनेजमेंट कोर्स के पाठ्यक्रम में आवश्यक संशोधन करने की कवायद शुरू हो गई है।
इसी कड़ी में यूटीयू ने शुरुआती चरण में बी.टेक कोर्स में साइबर सिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस समेत चार नए विषय शामिल किए हैं। यह विषय बी.टेक में पांचवें, छठवें, सातवें व आठवें सेमेस्टर में वैकल्पिक विषय के रूप में होंगे।
विवि ने इसी सत्र 2020-21 से नए विषयों को लागू करने की तैयारी कर ली है। साइबर सिक्योरिटी विषय के जरिए छात्रों को साइबर सुरक्षा के गुर सिखाए जाएंगे। ताकि, छात्र साइबर अपराधों को रोक सकें।
संबद्ध कॉलेजों को दिए निर्देश
वहीं, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी में छात्रों को ऐसी मशीन बनाना सिखाया जाएगा जो मानव की तरह व्यवहार करती हों। इससे छात्र भविष्य में रोबोट प्रणाली विकसित करने के लिए भी तैयार हो सकेंगे।
इसके अलावा एंड्रॉयड, डाटा साइंस, ऑगमेंटेड रियलिटी एंड वर्चुअल रियलिटी आदि विषय भी जोड़े गए हैं। विवि चाहता है कि छात्रों को तकनीकी पाठ्यक्रम के साथ ही व्यवहारिक व बौद्धिक रूप से विकसित किया जा सके और केंद्र सरकार के उद्देश्यों को भी पूरा किया जा सके।
यूटीयू ने संबद्ध तकनीकी कॉलेजों को बी.टेक कोर्स में नए विषयों को शामिल किए जाने की सूचना दे दी है। विवि ने कॉलेजों से इन विषयों की कक्षाओं के लिए आवश्यक सुविधाएं और संसाधन मुहैया कराने को भी कहा है।
नई शिक्षा के नीति के तहत बी.टेक कोर्स में पांच नए विषय जोड़े गए हैं। एकेडमिक काउंसिल ने भी इन्हें मंजूरी दे दी है। इसमें साइबर सिक्योरिटी व आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस मुख्य विषय हैं। तकनीकी युग में इन विषयों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। इसी सत्र से इन विषयों को लागू करने की योजना है।
- प्रो. एनएस चौधरी, कुलपति, यूटीयू