फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Exclusive: Rajaji Tiger Foundation to be built on the lines of Corbett

Tiger Conservation: कॉर्बेट की तर्ज पर बनेगा राजाजी टाइगर फाउंडेशन, बाघों के संरक्षण पर खर्च होगा आय का बड़ा हिस्सा

Thu, 09 Jun 2022 04:50 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Thu, 09 Jun 2022 04:50 PM IST
सार

वाइल्ड लाइफ एक्ट में वर्ष 2006 में हुए एक संशोधन के बाद सभी टाइगर रिजर्व को फाउंडेशन का गठन किया जाना आवश्यक है। अभी तक पर्यटन गतिविधियों से होने वाली पूरी आय राजस्व में जमा कर दी जाती है। फाउंडेशन बन जाने के बाद इसका एक हिस्सा फाउंडेशन के खाते में जमा होगा। जिसे बाघ संरक्षण के तहत विभिन्न गतिविधियों में खर्च किया जा सकेगा।

विज्ञापन
Exclusive: Rajaji Tiger Foundation to be built on the lines of Corbett
टाइगर - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की तर्ज पर राजाजी टाइगर रिजर्व में भी राजाजी कंजर्वेशन फाउंडेशन बनाने की तैयारी है। वर्ष 2015 में राजाजी नेशनल पार्क के टाइगर रिजर्व बनने के बाद वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत टाइगर फाउंडेशन बनाना जरूरी है। जिसकी कवायद अब शुरू की गई है।

विज्ञापन


फाउंडेशन बन जाने के बाद टाइगर सफारी और अन्य पर्यटन गतिविधियों से पार्क को होने वाली आय का बड़ा हिस्सा बाघ संरक्षण और दूसरी गतिविधियों पर खर्च किया जा सकेगा। शासन स्तर पर प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु की अध्यक्षता में इस संबंध में पहली बैठक हो चुकी है। जिसमें फाउंडेशन के गठन के विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
विज्ञापन


प्रमुख सचिव की ओर से इस संबंध में वनाधिकारियों को एक माह में बायलॉज तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। फाउंडेशन बनने के बाद राजाजी नेशनल पार्क में होने वाली टाइगर सफारी और अन्य दूसरी पर्यटक गतिविधियों से आने वाले पैसे को पार्क के सदुपयोग में ही खर्च किया जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

सभी टाइगर रिजर्व को फाउंडेशन का गठन किया जाना आवश्यक

अभी तक पर्यटन गतिविधियों से होने वाली पूरी आय राजस्व में जमा कर दी जाती है। फाउंडेशन बन जाने के बाद इसका एक हिस्सा फाउंडेशन के खाते में जमा होगा। जिसे बाघ संरक्षण के तहत विभिन्न गतिविधियों में खर्च किया जा सकेगा। बता दें कि वाइल्ड लाइफ एक्ट में वर्ष 2006 में हुए एक संशोधन के बाद सभी टाइगर रिजर्व को फाउंडेशन का गठन किया जाना आवश्यक है। इसकी गवर्निंग बॉडी में शासी निकाय के अध्यक्ष वन मंत्री होती हैं, जबकि कार्यकारी समिति के अध्यक्ष टाइगर रिजर्व के निदेशक होते हैं।

ये भी पढ़ें...Achievement: दुनियाभर में छाए छोटे से गांव बरोटीवाला के दो युवा, कभी एक-एक लाइक के लिए तरसे, आज बनाया ऐसा मुकाम


इसके अलावा अन्य अधिकारियों और दूसरे लोगों को सदस्य के तौर पर शामिल किया जाता है। प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु ने बताया कि राजाजी नेशनल पार्क के टाइगर रिजर्व बन जाने के बाद वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत टाइगर फाउंडेशन का गठन किया जाना आवश्यक है। प्राथमिक तौर पर इसकी कवायद शुरू कर दी गई है। वन अधिकारियों को एक माह में बायलॉज तैयार करने को कहा गया है। इसके बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। बैठक में मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक डॉ. मधुर पराग धकाते, निदेशक राजाजी टाइगर रिजर्व डॉ. साकेत बडोला आदि मौजूद थे। 

2010 में हो गई थी कॉर्बेट में फाउंडेशन की स्थापना 

कॉर्बेट फाउंडेशन की स्थापना वर्ष 2010 में हो गई थी। इसके तहत बाघ संरक्षण के अलावा विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाती हैं। इसमें स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी के साथ वन्यजीवों के संरक्षण के लिए काम किया जाता है। इसके अलावा पारिस्थितिक अनुसंधान, जैव विविधता संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने, वन्यजीवों की आवास बहाली, स्थायी आजीविका, वाटरशेड विकास, सतत ग्रामीण विकास, मानव और पशु स्वास्थ्य जैसी गतिविधियां फाउंडेशन के माध्यम से संचालित की जाती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed