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एक्सक्लूसिव: 1956 से लापता दिल्ली पुलिस का सिपाही, पिता को तलाशते-तलाशते बूढ़ा हो गया बेटा 

Sun, 08 Nov 2020 08:29 PM IST
अलका त्यागी जितेंद्र पपनै, अमर उजाला, रामनगर (नैनीताल)
जितेंद्र पपनै, अमर उजाला, रामनगर (नैनीताल) Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 08 Nov 2020 08:29 PM IST
सार

  • - 64 साल से विभाग, ना परिजन सिपाही को तलाश सके

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Exclusive: Delhi Police soldier missing since 1956, son become old during Searching For Father
पिता को ढूंढता बेटा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आजादी के बाद दिल्ली पुलिस में शामिल हुआ एक सिपाही पिछले 64 साल से लापता है। लापता सिपाही को तलाशते-तलाशते उसका डेढ़ वर्षीय बेटा भी बुजुर्ग हो गया। परिवार ने विभागीय अधिकारियों से लेकर प्रधानमंत्री तक सभी को पत्र लिखकर सिपाही को तलाशने को कहा, लेकिन आज तक सिपाही का पता नहीं चला। वह जिंदा है या मर गया, इसकी ना तो विभाग और ना परिजनों को जानकारी कोई नहीं है। 

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ग्राम साल्वदे पूर्वी नई बस्ती के रहने वाले प्रकाश आर्य के अनुसार उनके पिता लक्षीराम पुत्र स्व. गंगाराम 1947 में दिल्ली पुलिस की फर्स्ट बटालियन में कॉस्टेबल के पद पर भर्ती हुए थे। जिनका बेल्ट नंबर 1969 था। वर्ष 1956 से आज तक कोई भी शुभ व अशुभ समाचार उन्हें प्राप्त नहीं हुआ।
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पिता के गायब होने के समय बहन चंद्रा पांच वर्षीय और उनकी खुद की उम्र डेढ़ वर्ष थी। मां वेदवती देवी जो अब इस दुनिया में नहीं है, वह पिता के बारे में सही बता नहीं पाई। उनकी मृत्यु 2007 में हुई। दिल्ली पुलिस के डीएपी विभाग को बार-बार पिता के बारे में जानकारी मांगी गई, लेकिन सही जानकारी नहीं मिली।
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विभाग ने बस इतना बताया कि उनका बेल्ट नंबर 1969 है। पिता का रिकॉर्ड 1954 तक विभाग के पास मिला, उसके बाद उनकी पोस्टिंग सीआईडी विभाग में की गई। तब से ना तो डीएपी और ना ही सीआईडी विभाग से पिता की कोई सूचना नहीं मिली।

पिता की जांच पड़ताल की कार्यवाही में अपने घर से दिल्ली उनकी ब्रांच में जाकर पूछताछ की। कार्यवाही में अपनी जमीन भी बेचनी पड़ी व बार-बार विभाग द्वारा खाली आश्वासन दिया जाता रहा। विभाग अपना पल्ला झाड़ना चाहता है, इस समय सिर्फ इधर-उधर घूमाकर गुमराह किया जा रहा है। 

प्रधानमंत्री को पत्र लिखने पर भी नहीं हुई कार्यवाही
प्रकाश बताते हैं कि पिता को तलाशने को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को भी पत्र लिखा था। तत्कालीन प्रधानमंत्री ने संबंधित विभाग को पत्र लिखकर उनके पिता को तलाशने को कहा था। प्रधानमंत्री के पत्र के बाद भी विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। वर्तमान समय में उन्होंने प्रधानमंत्री पोर्टल में भी शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। 

भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 107 के तहत सात साल लापता हुए व्यक्ति को मृत घोषित किया जा सकता है। 
-दुष्यंत मैनाली, अधिवक्ता हाईकोर्ट

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