{"_id":"6488d4989c50eb06ef009d14","slug":"ex-serviceman-convicted-of-raping-a-minor-gets-20-years-rigorous-imprisonment-dehradun-news-c-5-drn1037-177582-2023-06-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी पूर्व सैनिक को 20 साल कठोर कारावास की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी पूर्व सैनिक को 20 साल कठोर कारावास की सजा
विज्ञापन
नाबालिग को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के दोषी पूर्व सैनिक को न्यायालय ने 20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। स्पेशल फास्ट ट्रैक जज पंकज तोमर की कोर्ट ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को छह माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मुकदमे में पूर्व सैनिक की मां भी गाली गलौज और जान से मारने की धमकी देने की आरोपी थी। लेकिन, कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में उसे बरी कर दिया।
शासकीय अधिवक्ता किशोर कुमार सिंह ने बताया कि देहरादून निवासी एक महिला ने 23 मार्च 2019 को विकासनगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। महिला का कहना था कि उनकी 16 साल की बेटी शादी समारोह में शामिल होने के लिए विकासनगर गई थी। इस दौरान किशोरी की एक सहेली ने उसकी मुलाकात संदीप बीसी निवासी इंदिरा उद्यान मार्ग विकासनगर से कराई। इसके बाद दोनों में बातचीत होने लगी। संदीप गोरखा राइफल देहरादून में तैनात था। उसने उनकी बेटी को शादी झांसा दिया। इस बीच उसने एक दिन किशोरी को मसूरी बुलाया।
आरोप था कि वहां पर संदीप ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद वह गर्भवती हो गई। किशोरी ने यह बात संदीप को बताई तो वह विकासनगर में रहने वाले महिला के रिश्तेदारों के यहां ले गया। वहां पर उसने औपचारिक रूप से किशोरी के साथ शादी की। उसके आधार कार्ड में फेरबदल कर 10 रुपये के स्टांप पर शादी को रजिस्टर्ड करने की बात कही। गर्भवती होने की बात जब संदीप की मां मीरा देवी को पता चली तो उसने किशोरी को दवाई खिला दी। लेकिन, दवाई से भी गर्भपात नहीं हुआ। आरोप है कि इसके बाद मीरा देवी ने उसे जान से मारने की धमकी दी।
विज्ञापन
शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया। लेकिन, कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में मीरा देवी को बरी कर दिया। अभियोजन ने इस मामले में संदीप बीसी के खिलाफ सात गवाह पेश किए। इन गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर उसे 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई।
विज्ञापन
शासकीय अधिवक्ता किशोर कुमार सिंह ने बताया कि देहरादून निवासी एक महिला ने 23 मार्च 2019 को विकासनगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। महिला का कहना था कि उनकी 16 साल की बेटी शादी समारोह में शामिल होने के लिए विकासनगर गई थी। इस दौरान किशोरी की एक सहेली ने उसकी मुलाकात संदीप बीसी निवासी इंदिरा उद्यान मार्ग विकासनगर से कराई। इसके बाद दोनों में बातचीत होने लगी। संदीप गोरखा राइफल देहरादून में तैनात था। उसने उनकी बेटी को शादी झांसा दिया। इस बीच उसने एक दिन किशोरी को मसूरी बुलाया।
विज्ञापन
आरोप था कि वहां पर संदीप ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद वह गर्भवती हो गई। किशोरी ने यह बात संदीप को बताई तो वह विकासनगर में रहने वाले महिला के रिश्तेदारों के यहां ले गया। वहां पर उसने औपचारिक रूप से किशोरी के साथ शादी की। उसके आधार कार्ड में फेरबदल कर 10 रुपये के स्टांप पर शादी को रजिस्टर्ड करने की बात कही। गर्भवती होने की बात जब संदीप की मां मीरा देवी को पता चली तो उसने किशोरी को दवाई खिला दी। लेकिन, दवाई से भी गर्भपात नहीं हुआ। आरोप है कि इसके बाद मीरा देवी ने उसे जान से मारने की धमकी दी।
विज्ञापन
शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया। लेकिन, कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में मीरा देवी को बरी कर दिया। अभियोजन ने इस मामले में संदीप बीसी के खिलाफ सात गवाह पेश किए। इन गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर उसे 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई।