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Dehradun News: बरसात बीतते ही फिर कूड़े से भरे नदी-नाले

Tue, 24 Oct 2023 12:08 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 24 Oct 2023 12:08 AM IST
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Even though the Municipal Corporation is making lakhs

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Iनगर निगम को बरसात के समय ही आती है, नदी, नाले और नालियों की यादI





स्वच्छता रैकिंग में सुधार के नगर निगम भले ही लाख दावे कर रहा हो, लेकिन कूड़े और गंदगी से भरे नदी, नाले और नालियां निगम के इस दावे पर सवाल खड़े कर रहे हैं। सालभर में एक बार केवल बरसात के समय ही निगम को नदी, नालों की सफाई की याद आती हैं। बरसात बीतते ही फिर से नदी-नाले फिर गंदगी और कूड़े से भर जाते हैं, जो स्वच्छता अभियान को ठेंगा दिखाते हैं। रैंकिंग में सुधार के लिए जरूरी है, निगम को साल में एक बार नहीं, बल्कि नियमित रूप से नदी, नालों को साफ करना होगा।





नगर निगम स्वच्छता के मामले में दून को टॉप-50 शहरों में शामिल करने का ख्वाब देख रहा है, लेकिन इस सपने का सच करने के लिए निगम उतना आतुर नहीं दिख रहा है, जितना लक्ष्य के लिए रहना चाहिए। न तो निगम घर-घर कूड़ा उठान की व्यवस्था को मजबूत कर पा रहा है, न सड़कों पर गंदगी के ढेर कम हो पा रहे हैं। इसके इतर, दून के नदी, नालों और नालियों की हालत में सुधार के लिए भी नगर निगम के पास पुख्ता प्लान नहीं है। सालभर में बरसात से पहले केवल एक बार ही नगर निगम को इनकी याद आती है। इसके बाद इनकी सफाई के लिए निगम फिर से बरसात को इंतजार करता है।
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हालात यह हैं कि जो रिस्पना और बिंदाल कभी दून की शान होती थीं, लेकिन यह दोनों नदी दून की गंदगी ढोने का काम कर रही हैं। अतिक्रमण के कारण यह नदियां नालों में तो तब्दील हो गई हैं। वर्तमान में दोनों नदियां लोगों के लिए कूड़ा डंपिंग जोन का काम कर रही हैं। हैरत की बात तो यह है कि शिकायत के बाद भी न तो नगर निगम इन नदियों को अतिक्रमण मुक्त कर पा रहा है, न ही गंदगी से मुक्त।
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शहर में नाले, नालियों की भी यही हालत है। तमाम जगह नाले और नाली गंदगी और कूड़े से अटे पड़े हैं। ऐसे में स्वच्छता रैंकिंग में निगम ऊंची छलांग लगाएगा, इसके आसार कम ही लग रहे हैं।




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Iऐसा नहीं है कि निगम रिस्पना, बिंदाल सहित तमाम नालों, नालियों की सफाई नहीं करता है। यहां कूड़ा डालने वालों के नियमित रूप से चालान भी किए जाते हैं। समय-समय पर सफाई भी की जाती है, लेकिन लोगों को भी अपनी आदतों में सुधार लाने की आवश्यकता है। लोग कूड़ा नदी-नालों के बजाय कूड़ेदान या निगम के वाहन में ही डालें। - डॉ. अविनाश खन्ना, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारीI
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