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Dehradun: 40 सेकेंड के सायरन से सतर्कता की गूंज, CM धामी ने किया 13 लॉन्ग रेंज आधुनिक सायरनों का लोकार्पण
Sat, 06 Sep 2025 09:39 PM IST
रेनू सकलानी
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Sat, 06 Sep 2025 09:39 PM IST
सार
शनिवार को थाना डालनवाला परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह पहल राज्य की आपदा प्रबंधन क्षमता को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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देहरादून
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
शहर में स्थापित किए गए 13 लॉन्ग रेंज आधुनिक सायरनों का शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकार्पण किया। इस दौरान 40 सेकेंड तक सायरन से शहर के अलग-अलग हिस्सों में सतर्कता की गूंज सुनाई देने का दावा भी किया गया।
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शनिवार को थाना डालनवाला परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह पहल राज्य की आपदा प्रबंधन क्षमता को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उत्तराखंड एक आपदा संभावित राज्य है जहां समय रहते सतर्कता और सूचना प्रसारण अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस दृष्टि से ये अत्याधुनिक सायरन प्रणाली उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और तकनीक के माध्यम से पुलिस व आपदा प्रबंधन विभाग को सशक्त बनाया जा रहा है।
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सीएम ने कहा, एक पहाड़ी राज्य होने के कारण उत्तराखंड में आपदाओं का खतरा हमेशा बना रहता है। भूस्खलन, बादल फटना, बाढ़ और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाएं हमारे राज्य को समय-समय पर चुनौती देती रहती हैं। इस वर्ष भी हमें कई आपदाओं का सामना करना पड़ा। कहा, आठ किलोमीटर और 16 किलोमीटर की रेंज वाले ये सायरन न केवल प्राकृतिक आपदाओं के समय हमें सतर्क करेंगे बल्कि नागरिक सुरक्षा की दृष्टि से भी बेहद उपयोगी होंगे। यह लॉन्ग रेंज सायरन केवल किसी संभावित आपदा की चेतावनी देने तक सीमित नहीं रहेंगे बल्कि आम जनमानस को जागरूक करने व समय पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने में भी सहायक होंगे।
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उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस प्रणाली का नियमित परीक्षण किया जाए और आम जनता को इसके बारे में जागरूक किया जाए ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में इसकी अधिकतम उपयोगिता सुनिश्चित की जा सके। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी को सेवानिवृत्त पुलिस कार्मिकों, उत्तराखंड पीसीएस एसोसिएशन और उत्तराखंड पुलिस के अधिकारियों व कार्मिकों ने सीएम आपदा राहत कोष में सहायता राशि के चेक सौंपे। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, विधायक खजान दास, जिलाधिकारी सविन बंसल समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
नए सायरन का शोर तो बहुत था लेकिन सुनाई नहीं दिया
जिसका नाम ही लॉन्ग रेंज सायरन है उसकी आवाज ज्यादा दूर तक नहीं जा सकी। सायरन का असर और लोगों की प्रतिक्रिया लेने के लिए शहर में कई प्रमुख जगहों पर अमर उजाला की टीम मौजूद रही लेकिन प्रतिक्रिया तब मिलती जब सायरन सुनाई देता। ज्यादातर जगहों पर खासकर थानों से सिर्फ कुछ सौ मीटर की दूरी पर ही सायरन की आवाज सुनाई नहीं नहीं दी।
- धारा चौकी : धारा चौकी के आसपास घंटाघर व बाजार क्षेत्र में काफी भीड़ थी लेकिन किसी को सायरन नहीं सुनाई दिया। उम्मीद थी कि घंटाघर या उसके आसपास सायरन की आवाज गूंजेगी लेकिन रोज की तरह वहां ट्रैफिक और हॉर्न का शोर ही सुनाई देता रहा।
- महाराणा प्रताप बस अड्डा : देहरादून का मुख्य बस अड्डा है जहां रोजाना हजारों लोगों का आना जाना होता है। यहां पर आपात स्थिति में सायरन की गूंज सुनाई देनी चाहिए थी ताकि वहां भीड़ को सचेत किया जा सके। यहां भी सायरन की आवाज बिलकुल भी नहीं सुनाई दी। लोग सामान्य दिनों की तरह अपनी-अपनी बसों का इंतजार करते दिखाई दिए।
पटेलनगर : पटेलनगर थाने में सायरन बजा तो कुछ सौ मीटर बाद ही उसकी आवाज दब गई। लालपुल और देहराखास इलाके में भी सायरन की गूंज नहीं सुनाई दी।
ट्रैफिक के शोर में दब गई सायरन की आवाज
सर्वे चौक : यहां सायरन से ज्यादा ट्रैफिक का शोर सुनाई दिया। सायरन की आवाज बहुत हल्की थी। वहां से गुजरने वाले लोगों को पता ही नहीं चला कि किसी तरह का सायरन बजा। सर्वे चौक के पास खड़े राजेश कुमार, समीर सैनी, अब्दुल और शाहिबा से पूछा कि आपको थोड़ी देर पहले कुछ सुनाई दिया तो उन्होंने कहा कि गाड़ियों के हॉर्न ही सुनाई दिए।
नेहरू कॉलोनी थाना : विष्णु विहार मार्ग पर लोग आ जा रहे थे। बहुत से लोग छतों पर थे। उसी दौरान शाम 6:51 बजे सायरन की आवाज सुनाई दी। आवाज आते ही दुकानदार बाहर आकर देखने लगे। फिर आपस में बात कर यह जानने का प्रयास किया कि यह क्या हो रहा है। कुछ लोग और बच्चे सायरन की आवाज सुनते ही आसमान की तरफ देखने लगे। करीब 48 सेकेंड के बाद सायरन बंद हो गया। वहीं, थाने के साथ वाले मंदिर में कीर्तन चल रहा था। वहां भी महिलाओं में सायरन की गूंज पर जिज्ञासा नजर आई।
सहारनपुर चौक : शहर के मुख्य क्षेत्र सहारनपुर चौक तक सायरन की आवाज नहीं पहुंची। शाम के समय सहारनपुर चौक पर भीड़ और शोर के बीच किसी ने सायरन की आवाज नहीं सुनी।