नेपाल से भारत आ रहा संदिग्ध पकड़ा, जांच में जो खुलासा हुआ पुलिस की भी चौंक गई
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गुरुवार को नेपाल से भारत आ रहे एक व्यक्ति को एंटी ह्यूमैन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) ने संदिग्ध मानते हुए पकड़ लिया। जांच में जो बात सामने आई उसने टीम के भी होश उड़ा दिए।
कर्मियों ने एक नेपाली युवक के कब्जे से चार किलो अफीम बरामद की है। यूनिट की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ एनडीपीएस एक्टके तहत मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया। पकड़ी गई अफीम की कीमत बीस लाख रुपये बताई गई है।
मिली जानकारी के मुताबिक बुधवार शाम एएचटीयू कर्मी नेपाल बार्डर पर स्थित रीड्स संस्था के पूछताछ केंद्र से ड्यूटी निपटाकर अपने कार्यालय को लौट रहे थे।
इसी बीच शारदा बैराज गेट संख्या एक के निकट थानाध्यक्ष राजेश पांडेय ने नेपाल सीमा से नशीले पदार्थों की तस्करी होने की सूचना देते हुए उन्हें चेकिंग करने को कहा।
एएचटीयू प्रभारी एसआई मंजू पांडेय, एचसी लक्ष्मण चंद, रवि जोशी और कां. गणेश चंद बैराज के निकट सैयद वलीबाबा मजार के बगल के मार्ग पर गश्त करने लगे।
अफीम की अंतरराष्ट्रीय कीमत 20 लाख रुपये से अधिक
एसएसबी धनुषपुल स्थित 57 वीं वाहनी डी कंपनी की बंगाली कालोनी बीओपी से नेपाल को जाने वाले मार्ग तिराहे पर कुछ दूरी पर उन्हें एक स्कूटी नेपाल से आते हुए दिखी।
एएचटीयू टीम को देख स्कूटी सवार ने स्कूटी वापस लौटाने का प्रयास किया। लेकिन एएचटीयू टीम ने उसे पकड़ लिया। सीओ पीएस कफलिया भी वहां पहुंच गए।
स्कूटी की तलाशी लेने पर उसमें छुपाकर रखी 4 .45 किलो अफीम मिली। सीओ ने बताया कि पकड़ी गई अफीम की अंतरराष्ट्रीय कीमत 20 लाख रुपये से अधिक है।
थानाध्यक्ष ने बताया कि अफीम के साथ पकड़ा गया आरोपी नेपाल के चक्की बाजार दोधारा जिला कंचनपुर का रहने वाला है। उसने अपना नाम मोहन बहादुर पुत्र (26) पुत्र किशन बहादुर पाल बताया है।