कार्बेट पार्क को तस्करों से बचाएगा ड्रोन
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कार्बेट नेशनल पार्क में तस्करी समेत अन्य मानव गतिविधियों पर मानव रहित विमान ड्रोन से नजर रखी जाएगी। इसके लिए संसाधन और सुविधा एनटीसीए (नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी) कार्बेट पार्क को उपलब्ध कराएगा।
कार्बेट पार्क प्रबंधन की इस संबंध में एनटीसीए से प्रारंभिक वार्ता भी हो चुकी है। इसके अलावा जमीन पर पेट्रोलिंग के लिए सशस्त्र वन कर्मियों का बाइक दस्ता भी तैनात होगा। इसको पैंथर्स नाम दिया गया है। कार्बेट पार्क में बाघों की सुरक्षा के लिए आधुनिक संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
सबसे पहले कार्बेट पार्क में करीब तीन साल पहले ई-आई योजना लागू की थी, इसमें किसी भी मानव के जंगल में घुसने की खबर कार्बेट पार्क के कंट्रोल रूम में पहुंच जाती है। अब एनटीसीए व्यवस्था को और चौकस करने के लिए ड्रोन तैनात करने का फैसला किया है।
ड्रोन के जरिए लगेगा जमीनी स्थिति का पता
कार्बेट पार्क निदेशक समीर सिन्हा कहते हैं कि पन्ना अभ्यारण्य और काजीरंगा में ड्रोन का ट्रायल हुआ है। इसके परिणाम अच्छे आए हैं। अब कार्बेट पार्क में इसके इस्तेमाल पर वार्ता हुई है।
जमीन गश्त के लिए पैंथर्स गश्ती दल को लगाया गया है। शुरुआत में 19 बाइक से पेट्रोलिंग शुरू की गई है। बाइक वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट ने दी है, तो रामगंगा में गश्त के लिए मोटरबोट राज्य सरकार ने उपलब्ध कराई है।
सेंसर और कैमरे लगे होते
ड्रोन में सेंसर और कैमरे लगे होते हैं, जो जंगल में छोटी सी छोटी जगह की तस्वीर खींच सकते हैं। ऐसे में जहां जल्द पहुंचना संभव नहीं होगा, वहां ड्रोन के जरिए जमीनी स्थिति का पता किया जा सकेगा।a