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Dehradun News: दून विवि को मिली तीन नए शोध परियोजनाओं की स्वीकृति
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IIउत्तराखंड सरकार ने शोध परियोजनाओं के लिए दी आर्थिक स्वीकृति
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Iदून विश्वविद्यालय को उत्तराखंड सरकार ने तीन शोध परियोजनाओं के लिए अनुमोदन प्रदान किया है। ये परियोजनाएं हाइड्रोजन ऊर्जा, शहरी नियोजन और जलवायु परिवर्तन जैसे समकालीन विषयों पर केंद्रित हैं। पिछले वर्ष भी उत्तराखंड सरकार ने विवि को चार शोध परियोजनाओं के लिए अनुदान प्रदान किया था, जो विवि की शोध क्षमता को दर्शाता है।
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Iभौतिकी विभाग, स्कूल ऑफ फिजिकल साइंसेज की विभागाध्यक्ष डॉ. हिमानी शर्मा को सौर ऊर्जा के उपयोग से हाइड्रोजन ऊर्जा उत्पादन और फोटोएनर्जी हार्वेस्टिंग उपकरणों के निर्माण पर केंद्रित परियोजना को स्वीकृति मिली है। यह शोध स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता रखता है। इसके लिए 13.77 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। स्कूल ऑफ डिजाइन के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. धृति धौंडियाल को शहरी नियोजन और विकास विषय पर देहरादून मेट्रो के लिए उपयोगकर्ता अनुकूल डिजाइन समाधान विकसित करने पर केंद्रित 10 लाख रुपये की परियोजना मिली है। वहीं, भूगोल विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अभिलाषा कन्नौजिया जलवायु परिवर्तन आकलन विषय पर उत्तरकाशी जिले के ग्रामीण स्थानीय समुदायों में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और लैंगिक गतिशीलता का अध्ययन करेंगी। इसके लिए 9.22 लाख की स्वीकृत दी गई है। विवि की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने कहा, कोई भी विश्वविद्यालय अपने नवाचार और उन्नत शोध के लिए जाना जाता है। उन्नत प्रयोगशालाओं की स्थापना, समर्पित फैकल्टी को शोध के लिए प्रोत्साहन और शोधार्थियों में वैज्ञानिक सोच और स्किल्स को विकसित करना हमारा प्रमुख लक्ष्य रहा है।I
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IIउत्तराखंड सरकार ने शोध परियोजनाओं के लिए दी आर्थिक स्वीकृति
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Iदून विश्वविद्यालय को उत्तराखंड सरकार ने तीन शोध परियोजनाओं के लिए अनुमोदन प्रदान किया है। ये परियोजनाएं हाइड्रोजन ऊर्जा, शहरी नियोजन और जलवायु परिवर्तन जैसे समकालीन विषयों पर केंद्रित हैं। पिछले वर्ष भी उत्तराखंड सरकार ने विवि को चार शोध परियोजनाओं के लिए अनुदान प्रदान किया था, जो विवि की शोध क्षमता को दर्शाता है।
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Iभौतिकी विभाग, स्कूल ऑफ फिजिकल साइंसेज की विभागाध्यक्ष डॉ. हिमानी शर्मा को सौर ऊर्जा के उपयोग से हाइड्रोजन ऊर्जा उत्पादन और फोटोएनर्जी हार्वेस्टिंग उपकरणों के निर्माण पर केंद्रित परियोजना को स्वीकृति मिली है। यह शोध स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता रखता है। इसके लिए 13.77 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। स्कूल ऑफ डिजाइन के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. धृति धौंडियाल को शहरी नियोजन और विकास विषय पर देहरादून मेट्रो के लिए उपयोगकर्ता अनुकूल डिजाइन समाधान विकसित करने पर केंद्रित 10 लाख रुपये की परियोजना मिली है। वहीं, भूगोल विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अभिलाषा कन्नौजिया जलवायु परिवर्तन आकलन विषय पर उत्तरकाशी जिले के ग्रामीण स्थानीय समुदायों में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और लैंगिक गतिशीलता का अध्ययन करेंगी। इसके लिए 9.22 लाख की स्वीकृत दी गई है। विवि की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने कहा, कोई भी विश्वविद्यालय अपने नवाचार और उन्नत शोध के लिए जाना जाता है। उन्नत प्रयोगशालाओं की स्थापना, समर्पित फैकल्टी को शोध के लिए प्रोत्साहन और शोधार्थियों में वैज्ञानिक सोच और स्किल्स को विकसित करना हमारा प्रमुख लक्ष्य रहा है।I
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