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दून अस्पताल : धरने पर डॉक्टर, व्यवस्थाओं का प्रदर्शन बिगड़ा

Thu, 10 Sep 2026 01:32 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 10 Sep 2026 01:32 AM IST
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Doon Hospital: Doctors on sit-in protest; service delivery disrupted
देहरादून। दून अस्पताल के एमबीबीएस इंटर्न और पीजी डॉक्टरों के धरने से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का प्रदर्शन बिगड़ गया है। ओपीडी से लेकर इमरजेंसी, ओटी और वार्डों में मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों की मांग है कि उनका स्टाइपेंड 30 हजार रुपये किया जाए। इसके लिए वे सोमवार से धरने पर बैठे हैं। उधर पीजी डॉक्टर ने 1.05 लाख रुपये स्टाइपेंड की मांग कर रहे हैं। साथ ही सीनियर रेजिडेंट भी वेतन को 1.20 लाख करने की मांग उठा रहे हैं। इसके लिए वे मंगलवार से धरने पर हैं। प्रदेश भर के मेडिकल कॉलेजों से 600 एमबीबीएस इंटर्न और 600 पीजी डॉक्टर अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए धरना दे रहे हैं। इसका असर अब स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने लगा है। दून अस्पताल के 150 से भी अधिक पीजी और एमबीबीएस इंटर्न के धरने पर होने की वजह से मरीज परेशान हो रहे हैं। जानकारी के मुताबिक ऑर्थो और सर्जरी विभाग में रूटीन के ऑपरेशन कम कर दिए गए हैं। मरीजों को आगे की तारीखें दी जा रहीं हैं। बुधवार को सर्जरी विभाग में केवल एक और ऑर्थो विभाग में सिर्फ दो ही नियमित ऑपरेशन हो सके। हालांकि इमरजेंसी सेवाओं पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी वार्डों से छुट्टी के दौरान हो रही है। उन्हें घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है। व्यवस्था बनाए रखने के लिए अस्पताल प्रबंधन फार्मासिस्ट, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल स्टाफ की मदद ले रहा है।
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-इमरजेंसी और आईसीयू में सीनियर डॉक्टरों ने संभाल रहे जिम्मेदारी

पीजी और एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर की हड़ताल के बाद व्यवस्थाओं के बिगड़ने पर सीनियर डॉक्टरों ने जिम्मेदारी संभाली है। इमरजेंसी, इमरजेंसी ओटी और आईसीयू में सीनियर डॉक्टर राउंड ले रहे हैं।
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अड़े रहे प्रदर्शनकारी, निदेशक सयाना के साथ वार्ता विफल

व्यवस्थाएं बिगड़ने पर बुधवार को चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना प्रदर्शन कर रहे पीजी और इंटर्न डॉक्टरों से मिलने पहुंचे। उनके आश्वासन के बाद भी प्रदर्शनकारी डॉक्टर नहीं माने। डॉक्टर लिखित आदेश निकालने की बात पर अड़े रहे। निदेशक ने शासन स्तर पर उनकी मांगों को लेकर चल रही प्रक्रिया की जानकारी भी दी। बताया सीनियर रेजिडेंट का वेतन 1.20 लाख रुपये, पीजी डॉक्टरों का स्टाइपेंड 1.05 लाख रुपये और एमबीबीएस इंटर्न का स्टाइपेंड 30 हजार रुपये किए जाने का प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है। मंत्री और सचिव स्तर से भी प्रस्ताव को सकारात्मक रुख मिलने की बात कही गई। इसके बाद भी डॉक्टर हड़ताल खत्म करने को तैयार नहीं हुए। उनका कहना है कि प्रस्ताव और मौखिक आश्वासन से बात नहीं बनेगी। मांगों को लिखित रूप से मंजूरी मिलने के बाद ही वे काम पर लौटेंगे। ऐसे में अस्पताल में आंदोलन खत्म होने के बजाय गतिरोध बरकरार है।

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कोट-
जरूरी सेवाओं को सुचारू रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जा रही है। जिस तरह से छात्र मांगों को लेकर अड़े हुए हैं ऐसे में हड़ताल लंबी चल सकती है। इसके लिए भी इंतजाम किए जा रहे हैं।
डॉ. गीता जैन, प्राचार्य, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज
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