डोईवालाः धार्मिक स्थल में चोरी के बाद तोड़फोड़, शरारती तत्वों ने की माहौल बिगाड़ने की कोशिश
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तेलीवाला में रविवार देर रात धार्मिक स्थल में तोड़फोड़ कर नगदी चुराने वाले सिरफिरे को गिरफ्तार कर पुलिस ने माहौल बिगाड़ने की साजिश को असफल कर दिया। पड़ोस में रहने वाले एक युवक ने पिता से लड़ाई के बाद नशे की लत पूरी करने को इस घटना को अंजाम दिया था। सुबह घटना को लेकर पूरे इलाके में अफरातफरी का माहौल रहा, लेकिन पुलिस की सक्रियता और ग्रामीणों की सूझ-बूझ के चलते हालात सामान्य रहे।
डोईवाला कोतवाली क्षेत्र के तेलीवाला में प्राचीन धार्मिक स्थल में तोड़फोड़ की घटना का कुछ ही घंटे में पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। सोमवार सुबह रोजमर्रा की तरह धार्मिक स्थल की देखभाल करने वाला व्यक्ति साफ-सफाई करने पहुंचा तो उसे घटना का पता चला। दरवाजा क्षतिग्रस्त होने के साथ पूरा सामान अस्त-व्यस्त था। यह खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई। कुछ ही देर में मौके पर भीड़ जुट गई। कुछ सामान जलाने के साथ गल्ले से नकदी भी चुराई गई थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण मोहन जोशी ने एसपी देहात प्रमेंद्र डोभाल, पुलिस क्षेत्राधिकारी राकेश देवली, उपजिलाधिकारी डोईवाला लक्ष्मीराज चौहान, तहसीलदार शूरवीर सिंह राणा, ऋषिकेश कोतवाल रितेश शाह आदि के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति पर काबू पाया। एहतियातन रानी पोखरी, नेहरू कालोनी और रायवाला आदि थाना पुलिस की तैनाती मौके पर की। कप्तान ने ग्रामीणाें को विश्वास में लेकर कार्रवाई का भरोसा दिया।
पुलिस की पहल पर धार्मिक स्थल को दोबारा व्यवस्थित करने के लिए लोगों ने मिलजुलकर साफ-सफाई की। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ धार्मिक स्थल पर चादर चढ़ाई। एसएसपी ने घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम को आसपास के खेतों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। इसी दौरान पुलिस को एक पोटली मिली। इसी आधार पर पुलिस शाम तक आरोपी तक पहुंच पाई।
पुलिस अधीक्षक देहात प्रमेंद्र डोभाल ने देर शाम धार्मिक स्थल में चोरी के दौरान तोड़फोड़ करने के आरोप में अनिल कुमार लोधी निवासी कुड़कावाला की गिरफ्तारी की जानकारी दी। आरोपी लोधी प्लम्बर का काम करता है। नशे की लत पूरी करने को वह घर के पीछे स्थित धार्मिक स्थल पर पहुंच गया था। दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे लोधी ने गल्ले का ताला तोड़कर पहले नकदी चुराई। ठंड से बचने को आरोपी ने मौके पर अखबार आदि सामान जलाया। चादर, चटाई आदि की पोटली बनाकर गन्ने के खेत में फेंक दी थी। आरोपी पहले भी चोरी में जेल जा चुका है। थाने में तैनात कांस्टेबल देवेंद्र नेगी और दिनेश सिंह आरोपी के अपराध करने के तरीके से वाकि फ थे। इसी आधार पर अनिल कुमार लोधी का पता किया तो कड़ियां जुड़ती चली गई।
दरवाजा न खुलने पर वापस पहुंचा धार्मिक स्थल
एसपी देहात डोभाल ने बताया कि धार्मिक स्थल का दरवाजा तोड़कर नगदी आदि चुराने के बाद आरोपी अपने घर पहुंचा था, लेकिन दरवाजा न खुलने के कारण वह फिर धार्मिक स्थल पहुंच गया था। इसके बाद संदूक के अंदर रखे अखबार आदि कागज को जलाकर रात गुजारी थी। इसी दौरान कांच लगने के कारण लोधी का पैर जूते समेत कट गया था। सुबह घर जाकर अपने भाई के जूते पहनकर वह बाजार गया जहां चिकित्सक से पट्टी कराई। चोरी की बाकी रकम शराब आदि में उड़ा दी थी।
आरोपी बोला, चोरी पर नहीं मारता भगवान
हिरासत में आरोपी अनिल कुमार लोधी ने अपना जुर्म कबूलने में किसी तरह की हिचक नहीं दिखाई। वह खुद पूरा घटना बयां करता गया। लोधी का कहना था कि वह घरों में चोरी नहीं करता। घरों में चोरी पर लोग मारते हैं। इस वजह से वह भगवान के घर में चोरी करता है, क्याेंकि भगवान मारता नहीं। रविवार रात को पिता से झगड़ा हो गया था। नशे की लत को पूरा करने को वह भगवान के घर पहुंच गया था। अंदर जाने के लिए दरवाजा तोड़ना जरूरी था। वहां से नकदी, चादर आदि चुराई थी। घर की दरवाजा न खुलने के कारण वह फिर धार्मिक स्थल पर पहुंच गया था। वहां रखे अखबार आदि जलाकर ठंड से बचने का प्रयास किया था।
पुलिस टीम को पुरस्कार
एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने एसपी देहात प्रमेंद्र डोभाल और सीओ राकेश देवली की अगुवाई वाली टीम में शामिल इंस्पेक्टर राकेश गुंसाई, एसएसआई महावीर सिंह, उप निरीक्षक कमलेश प्रसाद, उप निरीक्षक कुलवंत सिंह, शांति प्रसाद चमोली, मुकेश डिमरी, राजेंद्र सिंह रावत, कांस्टेबल देवेंद्र नेगी, दिनेश सिंह, गब्बर सिंह और धर्मेंद्र सिंह को अपराध समीक्षा बैठक में पुरस्कृत करने की घोषणा की है।