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Dehradun: मंत्री के भाई के घर डकैती के साजिशकर्ता समेत चार गिरफ्तार, पांच फरार, नहीं मिले जेवरात

Wed, 19 Oct 2022 09:05 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 19 Oct 2022 09:05 PM IST
सार

डकैती डालने वाले गिरोह के सरगना नावेद और तौकीर समेत पांच आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पुलिस के अनुसार, लूटे गए जेवर इन्हीं के पास हैं। इनकी तलाश में दबिश जारी है।

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Doiwala robbery case police arrested four accused Uttarakhand news
डकैती कांड का खुलासा करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कैबिनेट मंत्री के चचेरे भाई के घर डकैती के सूत्रधार ठेकेदार समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने खुलासे का दावा किया है। आरोपियों के कब्जे से लूटी गई पांच लाख रुपये से ज्यादा की नकदी और वारदात में प्रयोग की गईं दो कारें, बाइक व स्कूटर बरामद की गई हैं। ठेकेदार ने दो साल पहले कारोबारी के घर पीओपी का काम किया था। तभी से वह यहां लूट का मन बना बैठा था। 

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डकैती डालने वाले गिरोह के सरगना नावेद और तौकीर समेत पांच आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पुलिस के अनुसार, लूटे गए जेवर इन्हीं के पास हैं। इनकी तलाश में दबिश जारी है। एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बुधवार को प्रेसवार्ता कर बताया कि 15 अक्तूबर को डोईवाला में कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के चचेरे भाई शीशपाल अग्रवाल के घर छह सशस्त्र बदमाशों ने महिलाओं को बंधक बनाकर डकैती डाली थी। वे लाखों रुपये और जेवर लूटकर ले गए थे। पुलिस के 52 अधिकारियों और कर्मचारियों की 12 टीमों को खुलासे के लिए लगाया गया। सीसीटीवी फुटेज में एक स्विफ्ट और एक ईको स्पोर्ट कार भी आई थी। इनका उपयोग बदमाशों ने भागने के लिए किया था।
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शुरुआती जांच में परिवार के किसी राजदार पर ही शक था। लिहाजा पुलिस ने यहां पहले काम कर चुके लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया तो महबूब निवासी कुड़कावाला का नाम सामने आया। उसने कारोबारी के घर पीओपी का काम किया था। वह घर से अच्छी तरह वाकिफ था। पुलिस महबूब का पीछा करते हुए सरवट, मुजफ्फरनगर तक पहुंची। यहां से महबूब को उसकी स्विफ्ट डिजायर कार के साथ पकड़ लिया गया। उसके साथ मनव्वर और शमीम नाम के दो बदमाश भी थे। इनके कब्जे से दो लाख 16 हजार रुपये बरामद हुए। पूछताछ में महबूब ने सारा राज उगल दिया। बताया कि एक दिन उसने खालापार, मुजफ्फरनगर के नावेद से संपर्क किया।

नावेद अपने साथियों रियाज, मेहरबान, वसीम और तौकीर को लेकर डोईवाला आ गया। 15 अक्तूबर को सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे वसीम, तहसीम, नफीस, मेहरबान बावला और तौकीर घर के अंदर चले गए। महबूब बाकी साथियों के साथ कार और स्कूटर से घर के आसपास मंडराता रहा। डकैती के बाद बदमाश दोनों कारों में सवार होकर भाग निकले। महबूब से पूछताछ के बाद पुलिस की एक टीम तहसीम कुरैशी तक पहुंच गई। मंगलवार को दिल्ली-बागपत हाईवे से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से तीन लाख तीन हजार रुपये, एक देसी तमंचा और कारतूस बरामद हुए। वह ईको स्पोर्ट कार से फरार हुआ था।

20 लाख रुपये ले जाने की बात आई सामने

आरोपियों ने पुलिस केे बताया कि उन्होंने घर से 20 लाख रुपये नकद लूटे थे। बहुत से जेवरात भी ले गए थे। इनमें से पुलिस ने पांच लाख रुपये बरामद करने का दावा किया है। लेकिन, जेवरात बरामद नहीं हो सके हैं। हालांकि, अब भी पीड़ित परिवार ने लूटे गए जेवरात की सूची पुलिस को नहीं दी है। 


खुलासा करने वाली टीम पर बरसे इनाम 

डकैती का खुलासा करने वाली टीम पर अधिकारियों ने इनाम की बरसात कर दी है। टीम को डीजीपी अशोक कुमार ने एक लाख रुपये नकद देने की घोषणा की है। जबकि, डीआईजी गढ़वाल की ओर से 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने भी टीम को 20 हजार रुपये इनाम देने की बात कही है।


ये हुए गिरफ्तार

महबूब निवासी बसेड़ा, छपार, मुजफ्फरनगर
मुनव्वर निवासी सरवटस हाजीपुरा, मुजफ्फरनगर
शमीम निवासी बसेड़ा, मुजफ्फरनगर
तहसीम निवासी मोहल्ला खैल, कांधला, शामली


ये हैं पकड़ से दूर

रियाज मुल्ला, नावेद इकबाल, मेहरबान बावला, वसीम और तौकीर सभी निवासी खालापार, मुजफ्फरनगर


छह माह में चार बार षड्यंत्र, पांचवीं बार में दिया अंजाम

देहरादून। डकैती का साजिशकर्ता महबूब छह महीने में चार बार डकैती या लूट की योजना बना चुका था। लेकिन, हर बार कोई न कोई बाधा आ जाती थी। पिछले दिनों पांचवीं बार साजिश रची और सफल भी हो गया। एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बताया कि महबूब वैसे तो दो साल से इस घर में लूट की सोच रहा था। इसके लिए वह परिवार के लोगों से भी मेलजोल बढ़ा रहा था। उसे पता था कि अग्रवाल परिवार का बेटा दिल्ली में रहता है। शीशपाल अग्रवाल सुबह दुकान पर जाते हैं और दोपहर दो बजे लंच के लिए आते हैं। इसी बीच लूट को अंजाम दिया जा सकता है। इसकी तैयारी वह काफी दिनों तक करता रहा। उसने अपने साथी मनव्वर और शमीम को लेकर घर की रेकी शुरू कर दी। मेलजोल बढ़ाने के लिए उनकी दुकान पर भी अक्सर आता-जाता था। लोगों पर विश्वास जमाकर उसने घर में रखे सामान की भी जानकारी जुटा ली थी।
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