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खुद को सुरक्षित मानकर औरों को न बांटे संक्रमण
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योगनगरी में कोरोना संक्रमितों का ग्राफ तेजी के साथ बढ़ रहा है। हालांकि कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके लोगों में संक्रमण के बेहद सामान्य लक्षण सामने आ रहे हैं। यही कारण है कि वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके लोग कोरोना आशंकित लक्षणों को नजरअंदाज कर रहे हैं। इसके कारण वे दूसरों को संक्रमित कर रहे हैं।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश ने कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके लोगों को कोरोना आशंकित लक्षणों को लेकर चेताया है। एम्स के कोविड नोडल अधिकारी और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मुकेश बैरवा ने कहा कि कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लगाने के बाद भी व्यक्ति संक्रमित हो सकता है। हालांकि वैक्सीनेशन के बाद संक्रमण के गंभीर लक्षण कम ही देखने को मिल रहे हैं, इसलिए कोविड नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है। अगर कोई व्यक्ति सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार, गले में खराश, बदन दर्द और उल्टी, दस्त आदि लक्षण से ग्रस्त है तो उसको बिना देर किए अपनी आरटी पीसीआर जांच करानी चाहिए। जांच रिपोर्ट आने तक व्यक्ति को नियमानुसार होम आइसोलेशन में रहना है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर निर्धारित अवधि तक होम आइसोलेशन के सभी नियमों का पालन करना हैं। डॉ. मुकेश बैरवा ने बताया कि अभी तक 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू नहीं हुआ है। ऐसे किशोरों की भी संख्या काफी है, जिनका वैक्सीनेशन होना है। कई युवाओं को भी वैक्सीनेशन की दूसरी डोज लगनी है। इस स्थिति में आशंकित लक्षणों वाला व्यक्ति अपने परिवार को संक्रमित कर सकता है, इसलिए अपनों को संक्रमित होने से बचाने के लिए कोविड नियमों का पालन के साथ ही समय पर कोरोना जांच कराना अत्यंत आवश्यक है।
गफलत में न रहें, वेंटिलेटर की भी पड़ रही जरूरत
डॉ. मुकेश बैरवा ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर को लोग बिल्कुल भी हल्के में लेने की भूल न करें। अधिकांश मरीजों में सामान्य लक्षण हैं। संक्रमित होम आइसोलेशन में भी स्वस्थ हो रहे हैं, लेकिन कई ऐसे संक्रमित हैं, जिनको वेंटिलेटर की जरूरत पड़ रही है। संक्रमण का असर काफी हद तक वैक्सीनेशन और व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता पर निर्भर करता है। गंभीर रोगों से पीड़ित लोगों को संक्रमण के प्रति सबसे अधिक सचेत रहना है।
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इन नियमों का करें पालन
- घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनें
- घर में दाखिल होने से पहले हाथों को अच्छी तरह से साबुन से धोएं
- कार्यस्थल पर किसी सतह को छूने के बाद हाथों को सैनिटाइल करें।
- घर पहुंचने के साथ सबसे पहले कपड़ों को सर्फ के पानी में भिगोकर रख दें
- अगर कोरोना आशंकित लक्षण हैं तो खुद को अलग कमरे में आइसोलेट कर तत्काल जांच कराएं।
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश ने कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके लोगों को कोरोना आशंकित लक्षणों को लेकर चेताया है। एम्स के कोविड नोडल अधिकारी और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मुकेश बैरवा ने कहा कि कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लगाने के बाद भी व्यक्ति संक्रमित हो सकता है। हालांकि वैक्सीनेशन के बाद संक्रमण के गंभीर लक्षण कम ही देखने को मिल रहे हैं, इसलिए कोविड नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है। अगर कोई व्यक्ति सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार, गले में खराश, बदन दर्द और उल्टी, दस्त आदि लक्षण से ग्रस्त है तो उसको बिना देर किए अपनी आरटी पीसीआर जांच करानी चाहिए। जांच रिपोर्ट आने तक व्यक्ति को नियमानुसार होम आइसोलेशन में रहना है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर निर्धारित अवधि तक होम आइसोलेशन के सभी नियमों का पालन करना हैं। डॉ. मुकेश बैरवा ने बताया कि अभी तक 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू नहीं हुआ है। ऐसे किशोरों की भी संख्या काफी है, जिनका वैक्सीनेशन होना है। कई युवाओं को भी वैक्सीनेशन की दूसरी डोज लगनी है। इस स्थिति में आशंकित लक्षणों वाला व्यक्ति अपने परिवार को संक्रमित कर सकता है, इसलिए अपनों को संक्रमित होने से बचाने के लिए कोविड नियमों का पालन के साथ ही समय पर कोरोना जांच कराना अत्यंत आवश्यक है।
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गफलत में न रहें, वेंटिलेटर की भी पड़ रही जरूरत
डॉ. मुकेश बैरवा ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर को लोग बिल्कुल भी हल्के में लेने की भूल न करें। अधिकांश मरीजों में सामान्य लक्षण हैं। संक्रमित होम आइसोलेशन में भी स्वस्थ हो रहे हैं, लेकिन कई ऐसे संक्रमित हैं, जिनको वेंटिलेटर की जरूरत पड़ रही है। संक्रमण का असर काफी हद तक वैक्सीनेशन और व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता पर निर्भर करता है। गंभीर रोगों से पीड़ित लोगों को संक्रमण के प्रति सबसे अधिक सचेत रहना है।
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इन नियमों का करें पालन
- घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनें
- घर में दाखिल होने से पहले हाथों को अच्छी तरह से साबुन से धोएं
- कार्यस्थल पर किसी सतह को छूने के बाद हाथों को सैनिटाइल करें।
- घर पहुंचने के साथ सबसे पहले कपड़ों को सर्फ के पानी में भिगोकर रख दें
- अगर कोरोना आशंकित लक्षण हैं तो खुद को अलग कमरे में आइसोलेट कर तत्काल जांच कराएं।