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देवशशनी एकादशी आज, चार माह तक नहीं होंगे कोई भी शुभ कार्य
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हिंदू धर्म में आषाढ़ महीने में आने वाली दोनों एकादशी तिथियों का विशेष महत्व होता है। आषाढ़ माह की पहली एकादशी को योगिनी और दूसरी या अंतिम एकादशी को देवशयनी एकादशी कहा जाता है। इस साल देवशयनी एकादशी के दिन कई शुभ संयोग बन रहे, जबकि अगले चार माह तक कोई भी शुभ कार्य नहीं होंगे। इस साल देवशयनी एकादशी 10 जुलाई को है।
ज्योतिषाचार्य आचार्य डॉ. सुशांत राज ने बताया कि आषाढ़ मास शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को देवशयनी एकादशी, हरिशयनी एकादशी और पद्मनाभा एकादशी के नाम से जाना जाता है। यह समय भगवान विष्णु के शयन का होता है। इस समय भगवान विष्णु चार माह के लिए निद्रा में चले जाते हैं। वहीं, उत्तराखंड ज्योतिष रत्न एवं संस्कृत शिक्षा के सहायक निदेशक आचार्य डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने बताया कि इस एकादशी के बाद से चार महीने के लिए भगवान विष्णु शयन में चले जाते हैं।
बताया कि चार महीने की इस अवधि को चतुर्मास कहते हैं। बताया कि इस दौरान कोई शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, देवशयनी एकादशी 10 जुलाई को पड़ रही है। इस देवशयनी एकादशी के दिन शुभ व शुक्ल योग बन रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र में इन योग को शुभ योगों में गिना जाता है। इस अवधि में किए गए कार्यों में सफलता हासिल होने के साथ मान-सम्मान की प्राप्ति होती है।
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देवशयनी एकादशी के शुभ मुहूर्त
देवशयनी एकादशी तिथि की शुरुआत 9 जुलाई को शाम 4 बजकर 39 मिनट से शुरू होगी। तिथि का समापन 10 जुलाई को दोपहर 2 बजकर 13 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार, एकादशी व्रत 10 जुलाई को रखा जाएगा, जबकि व्रत पारण 11 जुलाई को होगा।
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ज्योतिषाचार्य आचार्य डॉ. सुशांत राज ने बताया कि आषाढ़ मास शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को देवशयनी एकादशी, हरिशयनी एकादशी और पद्मनाभा एकादशी के नाम से जाना जाता है। यह समय भगवान विष्णु के शयन का होता है। इस समय भगवान विष्णु चार माह के लिए निद्रा में चले जाते हैं। वहीं, उत्तराखंड ज्योतिष रत्न एवं संस्कृत शिक्षा के सहायक निदेशक आचार्य डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने बताया कि इस एकादशी के बाद से चार महीने के लिए भगवान विष्णु शयन में चले जाते हैं।
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बताया कि चार महीने की इस अवधि को चतुर्मास कहते हैं। बताया कि इस दौरान कोई शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, देवशयनी एकादशी 10 जुलाई को पड़ रही है। इस देवशयनी एकादशी के दिन शुभ व शुक्ल योग बन रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र में इन योग को शुभ योगों में गिना जाता है। इस अवधि में किए गए कार्यों में सफलता हासिल होने के साथ मान-सम्मान की प्राप्ति होती है।
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देवशयनी एकादशी के शुभ मुहूर्त
देवशयनी एकादशी तिथि की शुरुआत 9 जुलाई को शाम 4 बजकर 39 मिनट से शुरू होगी। तिथि का समापन 10 जुलाई को दोपहर 2 बजकर 13 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार, एकादशी व्रत 10 जुलाई को रखा जाएगा, जबकि व्रत पारण 11 जुलाई को होगा।