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Dehradun News: स्वच्छता समिति में हुए फर्जीवाड़े की विस्तार से जांच रिपोर्ट पूरी
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II22 से अधिक समितियों में फर्जीवाड़े की आशंका, नगर आयुक्त के आदेश पर होगी रिकवरी
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I नगर निगम में पर्यावरण स्वच्छता समिति में हुए फर्जीवाड़े की जांच रिपोर्ट पूरी हो गई है। नई रिपोर्ट में फर्जीवाड़े करने वाली समितियों की संख्या 22 से अधिक होने की संभावना है। फाइनल रिपोर्ट अब नगर आयुक्त को सौंपी जाएगी और उसके बाद रिकवरी की तैयारी शुरू कर दी जाएगी।
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Iदरअसल, नगर निगम के वार्ड में पर्यावरण स्वच्छता समिति का घोटाला हुआ था। डीएम सोनिका के आदेश पर कराई गई जांच में सीडीओ झरना कमठान रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को सौंप चुकी थी। मामले में प्रशासन ने निगम को रिपोर्ट को भेजकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। उस समय इस रिपोर्ट में करीब 99 ऐसे सफाई कर्मचारियों का पैसा फर्जी तरीके से हड़पने का मामला सामने आया था। यह भी रिपोर्ट में सामने आया था कि 100 में से 22 वार्ड यानि 22 पर्यावरण स्वच्छता समितियों में यह फर्जीवाड़ा हुआ था।
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Iनगर आयुक्त गौरव कुमार ने मामले में स्वास्थ्य अनुभाग से इस मामले में रिपोर्ट को और विस्तारित करने, किस स्तर पर किसने पैसे का गबन किया, सहित कई सवालों के जवाब मांगे थे। इस मामले में करीब 15 दिनों से स्वास्थ्य अनुभाग इसकी विस्तार से रिपोर्ट तैयार कर कर रहा था। मंगलवार को यह रिपोर्ट तैयार हो गई। जिसके बाद अब फाइनल रिपोर्ट नगर आयुक्त को सौंपी जाएगी। साथ ही संबंधित से रिकवरी की तैयारी शुरू कर दी जाएगी।
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Iकर्मचारियों की संख्या वहीं 99, जिम्मेदार बढ़े
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Iनिगम ने इस बार विस्तार से रिपोर्ट बनाई है। सभी 100 वार्ड में स्वच्छता समिति का गठन किया गया था। पूर्व में कराई गई जांच में 99 सफाई कर्मचारी ऐसे मिले थे, जिनका भुगतान तो लिया गया, लेकिन उनका सत्यापन नहीं हो पाया था। यह मामला 22 वार्डों में मिला था। निगम के मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने दोबारा इस मामले की विस्तार से रिपोर्ट बनाई। सूत्रों की मानें इस रिपोर्ट में सफाई कर्मचारियों की संख्या तो 99 ही पाई गई, लेकिन वार्डों की संख्या में ज्यादा बढ़ी है। क्योंकि एक वार्ड में समिति के अध्यक्ष-सचिव और कोषाध्यक्ष के माध्यम से पैसा निकाला जाता था। उसके बाद वो ही सफाई कर्मचारी को इस पैसे को देते थे। अब इन वार्ड की संख्या बढ़ी है जिसके बाद पैसों को डकारने वाले सरदारों की संख्या भी बढ़ गई है।
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Iरिपोर्ट लगभग तैयार है। नगर आयुक्त को सौंप दी जाएगी। उसके बाद नियमानुसार कार्रवाई उनके स्तर पर की जाएगी। - डाॅ. अविनाश खन्ना, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारीI
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II22 से अधिक समितियों में फर्जीवाड़े की आशंका, नगर आयुक्त के आदेश पर होगी रिकवरी
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I नगर निगम में पर्यावरण स्वच्छता समिति में हुए फर्जीवाड़े की जांच रिपोर्ट पूरी हो गई है। नई रिपोर्ट में फर्जीवाड़े करने वाली समितियों की संख्या 22 से अधिक होने की संभावना है। फाइनल रिपोर्ट अब नगर आयुक्त को सौंपी जाएगी और उसके बाद रिकवरी की तैयारी शुरू कर दी जाएगी।
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Iदरअसल, नगर निगम के वार्ड में पर्यावरण स्वच्छता समिति का घोटाला हुआ था। डीएम सोनिका के आदेश पर कराई गई जांच में सीडीओ झरना कमठान रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को सौंप चुकी थी। मामले में प्रशासन ने निगम को रिपोर्ट को भेजकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। उस समय इस रिपोर्ट में करीब 99 ऐसे सफाई कर्मचारियों का पैसा फर्जी तरीके से हड़पने का मामला सामने आया था। यह भी रिपोर्ट में सामने आया था कि 100 में से 22 वार्ड यानि 22 पर्यावरण स्वच्छता समितियों में यह फर्जीवाड़ा हुआ था।
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Iनगर आयुक्त गौरव कुमार ने मामले में स्वास्थ्य अनुभाग से इस मामले में रिपोर्ट को और विस्तारित करने, किस स्तर पर किसने पैसे का गबन किया, सहित कई सवालों के जवाब मांगे थे। इस मामले में करीब 15 दिनों से स्वास्थ्य अनुभाग इसकी विस्तार से रिपोर्ट तैयार कर कर रहा था। मंगलवार को यह रिपोर्ट तैयार हो गई। जिसके बाद अब फाइनल रिपोर्ट नगर आयुक्त को सौंपी जाएगी। साथ ही संबंधित से रिकवरी की तैयारी शुरू कर दी जाएगी।
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Iकर्मचारियों की संख्या वहीं 99, जिम्मेदार बढ़े
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Iनिगम ने इस बार विस्तार से रिपोर्ट बनाई है। सभी 100 वार्ड में स्वच्छता समिति का गठन किया गया था। पूर्व में कराई गई जांच में 99 सफाई कर्मचारी ऐसे मिले थे, जिनका भुगतान तो लिया गया, लेकिन उनका सत्यापन नहीं हो पाया था। यह मामला 22 वार्डों में मिला था। निगम के मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने दोबारा इस मामले की विस्तार से रिपोर्ट बनाई। सूत्रों की मानें इस रिपोर्ट में सफाई कर्मचारियों की संख्या तो 99 ही पाई गई, लेकिन वार्डों की संख्या में ज्यादा बढ़ी है। क्योंकि एक वार्ड में समिति के अध्यक्ष-सचिव और कोषाध्यक्ष के माध्यम से पैसा निकाला जाता था। उसके बाद वो ही सफाई कर्मचारी को इस पैसे को देते थे। अब इन वार्ड की संख्या बढ़ी है जिसके बाद पैसों को डकारने वाले सरदारों की संख्या भी बढ़ गई है।
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Iरिपोर्ट लगभग तैयार है। नगर आयुक्त को सौंप दी जाएगी। उसके बाद नियमानुसार कार्रवाई उनके स्तर पर की जाएगी। - डाॅ. अविनाश खन्ना, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारीI