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Dehradun News: आयुष्मान भारत में योग, आयुर्वेद को भी शामिल करने की मांग
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-राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने राज्यसभा में उठाया आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने संसद में आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा संर्वधन का विषय उठाया। उन्होंने सदन में कहा कि देश की आयुष सिस्टम से जुड़ी स्वदेशी स्वास्थ्य पद्धतियां आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा केवल इलाज नहीं बल्कि रोगों की रोकथाम पर भी प्रभावशाली हैं।
सांसद ने कहा कि भारत सरकार का स्वास्थ्य मंत्रालय का बजट 1,00,000 करोड़ रुपये है जबकि आयुष मंत्रालय का बजट मात्र 4,000 करोड़ के आसपास है। यह भारी अंतर आयुर्वेद और अन्य पद्धतियों के विकास में बाधा है। उन्होंने सात जरूरी कदम उठाने का अनुरोध किया, जिसमें आयुष्मान भारत योजना में आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा को भी शामिल किया जाए। ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 और ड्रग एंड मैजिक एक्ट 1954 को निरस्त कर यूनिफॉर्म हेल्थकेयर कोड लागू किया जाए। आयुर्वेदिक उद्योग, स्टार्टअप्स और रिसर्च को विशेष सरकारी प्रोत्साहन मिले। आयुष पद्धतियों का बजट वर्तमान आवश्यकता के अनुसार कम से कम पांच गुना बढ़ाया जाए। सभी मेडिकल कोर्स का पहला वर्ष समान हो, जिससे सभी पद्धतियों का मूल ज्ञान छात्रों को मिले। आयुष डॉक्टरों को एक्स-रे, एमआरआई, सर्जरी व डिलीवरी की अनुमति दी जाए। कक्षा 10 तक आयुर्वेद व योग को अनिवार्य विषय बनाया जाए।
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अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने संसद में आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा संर्वधन का विषय उठाया। उन्होंने सदन में कहा कि देश की आयुष सिस्टम से जुड़ी स्वदेशी स्वास्थ्य पद्धतियां आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा केवल इलाज नहीं बल्कि रोगों की रोकथाम पर भी प्रभावशाली हैं।
सांसद ने कहा कि भारत सरकार का स्वास्थ्य मंत्रालय का बजट 1,00,000 करोड़ रुपये है जबकि आयुष मंत्रालय का बजट मात्र 4,000 करोड़ के आसपास है। यह भारी अंतर आयुर्वेद और अन्य पद्धतियों के विकास में बाधा है। उन्होंने सात जरूरी कदम उठाने का अनुरोध किया, जिसमें आयुष्मान भारत योजना में आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा को भी शामिल किया जाए। ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 और ड्रग एंड मैजिक एक्ट 1954 को निरस्त कर यूनिफॉर्म हेल्थकेयर कोड लागू किया जाए। आयुर्वेदिक उद्योग, स्टार्टअप्स और रिसर्च को विशेष सरकारी प्रोत्साहन मिले। आयुष पद्धतियों का बजट वर्तमान आवश्यकता के अनुसार कम से कम पांच गुना बढ़ाया जाए। सभी मेडिकल कोर्स का पहला वर्ष समान हो, जिससे सभी पद्धतियों का मूल ज्ञान छात्रों को मिले। आयुष डॉक्टरों को एक्स-रे, एमआरआई, सर्जरी व डिलीवरी की अनुमति दी जाए। कक्षा 10 तक आयुर्वेद व योग को अनिवार्य विषय बनाया जाए।
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