देहरादून : प्रेमनगर में 45 वर्ष के व्यक्ति की हत्या से सनसनी, सिर में पीछे की तरफ चोट के निशान
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प्रेमनगर के झाझरा में पंचर की दुकान करने वाले व्यक्ति की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। उसका शव दुकान से बरामद हुआ। उसके सिर पर चोट के निशान और कपड़ों पर खून के आधार पर पुलिस को हत्या की आशंका है। हालांकि, देर शाम तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई थी। ऐसे में पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई।
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान गंगाराम (45) मूल निवासी बदायूं के रूप में हुई है। गंगाराम का परिवार नदी किनारे झुग्गी झोपड़ी में रहता है और वे नदी में रेत बजरी छानने का काम करते हैं। जबकि, गंगाराम की सड़क किनारे हनुमान मंदिर के पास पंचर लगाने की दुकान है। गंगाराम रोज खाना खाने के बाद दुकान में आ जाता था और पीछे पड़े बेड पर सोता था।
परिजनों ने पुलिस को बताया गंगाराम रात घर से साढ़े आठ बजे खाना खाकर दुकान के लिए निकला था। सुबह जब वापस नहीं लौटा तो पत्नी उसे देखने गई। वहां गंगाराम बेड पर लहूलुहान पड़ा था। महिला के शोर मचाने पर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और कुछ देर बाद पुलिस भी पहुंच गई। एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि गंगाराम के सिर के पिछले हिस्से में चोट के निशान हैं। इसे देखकर लग रहा है कि किसी ने उसके सिर पर वार किया गया है। लेकिन, आशंका यह भी है कि गंगाराम को यह चोट खुद लगी हो।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। देर रात तक रिपोर्ट आने की उम्मीद है। एसपी सिटी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। मौके पर फोरेंसिक टीम ने भी पहुंचकर जांच की और मौके से ब्लड सैंपल व फिंगर प्रिंट्स आदि लिए। पुलिस इस मामले में लूट, रंजिश, झगड़ा व अन्य पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
मौके पर नहीं मिला गंगाराम का मोबाइल
गंगाराम के पास एक मोबाइल फोन भी था। सुबह उसकी पत्नी ने पहले मोबाइल पर ही फोन किया था, लेकिन वह स्विच ऑफ था। पहुंची को भी दुकान से कोई मोबाइल फोन नहीं मिला। पुलिस ने आसपास की झाड़ियों भी मोबाइल की तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चला।
पत्नी बोली 50 हजार रुपये थे, पुलिस मान रही संदिग्ध
पत्नी का कहना है कि गंगाराम के पास 50 हजार रुपये थे। यह रकम गंगाराम अपने घर बदायूं ले जाने वाला था। यह रकम उन्होंने मजदूरी कर जमा की थी। लेकिन, पुलिस इस बात को संदिग्ध मान रही है। कारण है कि गंगाराम रात में बदायूं तो नहीं जा रहा था।
सुरक्षा की दृष्टि से भी उसकी दुकान से ज्यादा सुरक्षित उसका नदी किनारे स्थित घर है। ऐसे में 50 हजार रुपये की बात को पुलिस अधिकारी प्रथमदृष्टया नकार रहे हैं। हालांकि, इस दिशा में भी जांच की जा रही है। गंगाराम की मोटरसाइकिल भी दुकान में ही खड़ी हुई थी।