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देहरादून: बीमारी के इलाज का दिया झांसा, महिला का बैंक खाता खुलवाकर 50 हजार की साइबर ठगी

Thu, 22 Oct 2026 06:58 PM IST
Alka Tyagi संवाद न्यूज एजेंसी, विकासनगर(देहरादून)
संवाद न्यूज एजेंसी, विकासनगर(देहरादून) Published by: Alka Tyagi Updated Thu, 22 Oct 2026 06:58 PM IST
सार

महिला ने बताया कि वह किडनी की मरीज है। चमन ने उसे डायलिसिस के लिए सरकारी मदद दिलाने का भरोसा देकर भारतीय स्टेट बैंक और केनरा बैंक में खाते खुलवाए थे।

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Dehradun Woman falls victim to 50000 cyber fraud after being lured by false promise of medical treatment
महिला से ठगी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

कोतवाली क्षेत्र निवासी किडनी की बीमारी से जूझ रही महिला को इलाज के लिए सरकारी आर्थिक सहायता दिलाने का झांसा देकर उसके बैंक खाते खुलवाए और फिर उन्हीं खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम हासिल की। महिला के खाते में ठगी के 50 हजार रुपये आए, जिन्हें आरोपी ने एटीएम से निकाल लिया। पुलिस ने बुधवार रात को उत्तरकाशी जिले के पुरोला थाना क्षेत्र के ढुईक गांव निवासी चमन को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से दो बैंक पासबुक, एक एटीएम कार्ड और एक सिम कार्ड बरामद हुआ है।

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कोतवाली प्रभारी राजीव रौथाण ने बताया कि साइबर सेल देहरादून से प्राप्त म्यूल अकाउंट की सूची के आधार पर विकासनगर स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा से जुड़े एक खाते की जांच की गई। समन्वय और जेएमआईएस पोर्टल के माध्यम से जानकारी जुटाने पर खाते में साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त 50 हजार रुपये आने का पता चला। इस संबंध में साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज थी। इसके बाद कोतवाली विकासनगर में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई।
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जांच के दौरान पुलिस ने खाताधारक महिला से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह किडनी की मरीज है। चमन ने उसे डायलिसिस के लिए सरकारी मदद दिलाने का भरोसा देकर भारतीय स्टेट बैंक और केनरा बैंक में खाते खुलवाए थे। इसके बाद उसने दोनों खातों से संबंधित पासबुक, एटीएम कार्ड, दस्तावेज और खाते से जुड़े मोबाइल नंबर की सिम अपने पास रख ली थी।

आरोपी ने इन खातों का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी की रकम प्राप्त करने के लिए किया। खातों में आई धनराशि को एटीएम के माध्यम से निकाल लिया, जबकि महिला को इसके बदले कोई रकम नहीं दी। महिला से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने सर्विलांस की मदद से आरोपी का पता लगाया और पुल नंबर एक, विकासनगर से उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पहले भी मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। उसके खिलाफ वर्ष 2017 में एनडीपीएस एक्ट के तहत पटेलनगर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज हुई थी।

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झांसे में आकर बैंक खाते की जानकारी न दें

कोतवाली प्रभारी राजीव रौथाण ने आम लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक या खाते से जुड़ा सिम कार्ड किसी को न सौंपें। आर्थिक सहायता, कमीशन या अधिक मुनाफे का लालच देकर साइबर अपराधी बैंक खातों का दुरुपयोग कर सकते हैं। अपने खाते से किसी अन्य व्यक्ति के संदिग्ध लेन-देन न होने दें। साइबर अपराध से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।

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