रिलायंस ज्वेल्स शोरूम डकैती कांड: जेल से ही गैंग चला रहा था सरगना, पटना में जमानत पर बाहर आते ही पकड़ा
Dehradun Crime News: नौ नवंबर को राज्य स्थापना दिवस के मौके पर शहर में दिनदहाड़े राजपुर रोड स्थित रिलायंस ज्वेल्स शोरूम में बदमाशों ने डकैती की घटना को अंजाम दिया था।
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देहरादून के रिलायंस ज्वेल्स शोरूम में डकैती डालने वाली गैंग के सरगना शशांक को पुलिस ने पटना से गिरफ्तार कर लिया। वह जेल में रहकर गैंग चला रहा था। इस दौरान जब उसे पिछले दिनों जमानत मिली तो पुलिस ने उसे पटना से ही गिरफ्तार कर लिया। उसकी गिरफ्तारी को अन्य राज्यों की पुलिस टीम भी पटना पहुंची थी। लेकिन, उत्तराखंड पुलिस इस मामले में पहले बाजी मार ले गई। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून लाया जा रहा है।
गौरतलब है कि नौ नवंबर को राज्य स्थापना दिवस के मौके पर शहर में दिनदहाड़े राजपुर रोड स्थित रिलायंस ज्वेल्स शोरूम में बदमाशों ने डकैती की घटना को अंजाम दिया था। बदमाश वहां से 14 करोड़ रुपये के सोने और हीरे के जेवरात लूटकर ले गए थे। इस मामले में पुलिस ने बदमाशों की कार्यशैली को देखकर पता लगा लिया कि यह गैंग बिहार के बदमाश सुबोध से संबंधित है। इसके बाद पुलिस ने बिहार से इस घटना में शामिल और उनके मददगार समेत कुल 10 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि उनकी यह गैंग सुबोध की गैंग से अलग है।
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उन्हें डकैती डालने और मदद मुहैया कराने के लिए जेल से शशांक नाम का बदमाश दिशा निर्देश देता है। वह लंबे समय से पटना जेल में बंद है। तब से पुलिस शशांक नाम के बदमाश के पीछे लग गई। इस बीच पता चला कि शशांक को हाल ही में जेल से जमानत मिली है। एसएसपी अजय सिंह अपनी टीम को लेकर पटना पहुंच गए। वहां पर तीन दिन की मशक्कत के बाद बदमाश शशांक को गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी ने बताया कि शशांक को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर लेकर देहरादून लाया जा रहा है। जल्द ही उससे अगली पूछताछ की जाएगी।
कभी सुबोध के साथ करता था काम, फिर बनाई अपनी गैंग
बदमाश शशांक ने पुलिस को बताया कि वह 2016 में सुबोध से मिला था। इस दौरान सुबोध और शशांक ने अपने साथियों के साथ मिलकर पश्चिम बंगाल के बैरकपुर में मण्णुपुरम गोल्ड लोन की शाखा से 28 किलोग्राम सोना लूटा था। इसके बाद 2017 में पश्चिम बंगाल में मुथूट फाइनेंस ब्रांच से 55 किलोग्राम सोना लूटा था। दोनों जब जेल चले गए तो शशांक ने अपनी अलग गैंग बना ली। इसके बाद वह अपने साथियों को जेल से ही दिशा निर्देश देकर रिलायंस के शोरूम को निशाना बनाता था।
ये हुए पहले गिरफ्तार
प्रिंस कुमार, अखिलेश कुमार, विक्रम कुमार कुशवाह, कुंदन कुमार, मोहम्मद आदिल खान, आशीष कुमार, अकबर, अमृत कुमार, चंदन कुमार उर्फ सुजीत और विशाल कुमार। ये सभी बिहार के विभिन्न जिलों के रहने वाले हैं। इनमें से प्रिंस और विशाल पर दो-दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।