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Dehradun News: पीएफ का लाभ न देने वाले ईंट भट्ठा संचालकों पर होगी सख्त कार्रवाई, विशेष जांच अभियान शुरू

Sun, 07 Jan 2024 03:51 PM IST
रेनू सकलानी करन सिंह दयाल, संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
करन सिंह दयाल, संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sun, 07 Jan 2024 03:51 PM IST
सार

26 दिसंबर को मंगलौर के ईंट भट्ठे की दीवार गिरने से छह मजदूरों की मौत हो गई थी। ईपीएफओ ने ईंट भट्ठों के खिलाफ विशेष जांच अभियान  शुरू किया। मृतक मजूदरों के अलावा ईंट भट्ठों में काम करने वाले अन्य कर्मचारियों को पीएफ का लाभ मिल रहा है या नहीं। ईपीएफओ के क्षेत्रीय आयुक्त विश्वजीत सागर ने बताया कि दैनिक भत्तों पर काम करने वाले कर्मचारियों को भी पीएफ का लाभ देने का नियम है।

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PF: Action will be taken against brick kiln operators who do not give PF benefits Uttarakhand news in hindi
पीएफ - फोटो : ??? ?????

विस्तार

प्रदेश भर के ईंट भट्ठों में काम करने वाले कर्मचारियों को अगर पीएफ का लाभ नहीं दिया जा रहा तो भट्ठा संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इसके लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने विशेष जांच अभियान शुरू कर दिया है। अभियान की शुरूआत हरिद्वार जिले के मंगलौर और रुड़की से की गई है।

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बीते साल 26 दिसंबर की सुबह रुड़की के मंगलौर में एक ईंट भट्ठे में दीवार गिरने से छह मजदूरों की मौत हो गई थी। घटना के बाद ईपीएफओ ने जांच शुरू कर दी है कि मृतक मजूदरों के अलावा ईंट भट्ठों में काम करने वाले अन्य कर्मचारियों को पीएफ का लाभ मिल रहा है या नहीं। ईपीएफओ के क्षेत्रीय आयुक्त विश्वजीत सागर ने बताया कि दैनिक भत्तों पर काम करने वाले कर्मचारियों को भी पीएफ का लाभ देने का नियम है।

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जांच में कई बार सामने आया है कि कंपनी पीएफ का लाभ तो ले रही है, लेकिन वह कर्मचारियों को नहीं मिल रहा है। ऐसे में कर्मचारियों के हक का पैसा हड़पने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रहा है। इसी क्रम में ईंट भट्ठों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। 

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कंपनी और कर्मचारी को देना होता है पीएफ

ईपीएफओ के तहत कर्मचारियों के पीएफ खाते खोले जाते हैं। इस खाते में नियोक्ता यानी कंपनी और कर्मचारी दोनों को अपना-अपना हिस्सा (कंट्रीब्यूशन) देना होता है। ऐसे में अगर कंपनी या कर्मचारी इस खाते में योगदान नहीं देता है या फिर देरी करता है तो कुछ शर्त के तहत उन्हें जुर्माना देना पड़ता है।



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पांच दिन में करना होता है क्लेम का निपटारा

ईपीएफ को डेथ क्लेम का दावा पत्र मिलने के बाद उसका निपटारा पांच दिन के भीतर करना होता है। ईपीएफओ योजना 1952 अधिनियम के पैरा 72 (5) सी के तहत इनका निपटारा किया जाता है। ऐसे में अगर कंपनी की ओर से कर्मचारी को पीएफ का लाभ नहीं दिया गया तो कंपनी पर कार्रवाई होना निश्चित है।
 

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