देहरादून: घर में अकेले बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, पुत्रवधू ने दर्ज कराया हत्या का केस
- बिस्तर से नीचे पड़ा मिला शव, हाथ थे बंधे
- शरीर पर नहीं मिला चोट का कोई निशान, पोस्टमार्टम में भी मौत का कारण अस्पष्ट
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों का पता नहीं चल सका। हालांकि, उनकी पुत्रवधू ने कोतवाली में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। लेकिन, करीब 12 घंटे बाद पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर बुजुर्ग की मौत के निष्कर्ष तक पहुंच गई थी। इसके आधार पर पुलिस इसे सामान्य मौत करार दे रही है।
कोतवाली पुलिस के अनुसार कांवली रोड स्थित पुराने मकान में बृजभूषण लाला (85) कई सालों से अकेले रहते थे। उनका बेटा अपने परिवार के साथ कहीं और रहता है। उनके मकान में एक महिला का आना जाना था। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे भी महिला उनके घर आई, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। उसने यह बात आस पड़ोस के लोगों को बताई उनमें से एक व्यक्ति घर की छत से होता हुआ अंदर पहुंचा। वहां देखा कि कमरे का दरवाजा खुला है और बृजभूषण बिस्तर से नीचे पड़े हुए हैं।
घटना की सूचना बृजभूषण के परिवार वालों को दी गई, जिसके बाद उनकी पुत्रवधु रेखा ने पुलिस को सूचित किया। मौके पर डीआईजी अरुण मोहन जोशी, एसपी सिटी श्वेता चौबे भी मौके पर पहुंच गए। मौके पर देखा कि बुजुर्ग के हाथ बंधे हुए हैं। फोरेंसिक टीम ने भी वहां जाकर साक्ष्य जुटाए।
पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। देर रात तक पुलिस संदिग्धों से पूछताछ समेत कई पहलुओं पर जांच करती रही। रात करीब 12 बजे पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कुछ अहम लोगों से पूछताछ के आधार पर पुलिस निष्कर्स तक पहुंची। एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मौत सामान्य है। बावजूद इसके डॉक्टरों के कहने पर विसरा संरक्षित किया गया है।
सभी सामान अपनी जगह मौजूद
बृजभूषण का यह घर काफी पुराना और टूटा फूटा है। यहां कुछ पुराने संदूक रखे हैं और एक कोने में पुराने स्टोव का ढेर है। जिस कमरे में बुजुर्ग का शव मिला, वह भी बेहद छोटा और संकरा है। वहां किसी मूल्यवान वस्तु के होने की संभावना नहीं है। लिहाजा, लूट और चोरी का पहलू शुरूआत से ही कमजोर लग रहा है।
कुछ साल पहले हुए थे गिरफ्तार
बुजुर्ग को पुलिस ने एक मामले में कुछ साल पहले गिरफ्तार भी किया था। उनके पुत्र परिवार के साथ अलग रहता है। बुजुर्ग का पोता मर्चेंट नेवी में काम करता है। आसपास के लोगों से भी वे कभी बात नहीं करते थे। हालांकि, बहुत से लोगों का उनके घर में रोज आना जाना लगा रहता था, जो पड़ोसियों के लिए अनजान थे।
इन दिशाओं में चली पुलिस की जांच
- बुजुर्ग के हाथ बंधे तो थे लेकिन बहुत ढीले थे।
- शव जिस जगह पड़ा हुआ था वहां फर्श टूटा था। यदि पलंग से नीचे गिरते तो कहीं न कहीं खरोच जरूर होती।
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में न तो मौत का कारण दम घुटना आया और न ही गला घोंटना। कारण स्पष्ट ही नहीं हैं।
- घर में कोई कीमती सामान न तो पड़ा हुआ था और न ही कुछ गायब होने के कोई प्रमाण मिले हैं।
- शव के पास कुछ आपत्तिजनक सामग्री भी पड़ी हुई थी। यह जांच में एक अहम बिंदु साबित हुई।
पोस्टमार्टम के आधार पर डॉक्टरों ने जो रिपोर्ट दी है उससे यह सामान्य मौत है। पुलिस ने सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की थी। जिसके आधार पर देर रात इस बात के सुबूत भी मिल गए हैं कि बुजुर्ग की मौत सामान्य ही है। लेकिन, विसरा संरक्षित कर लिया गया है।
- अरुण मोहन जोशी, डीआईजी, देहरादून