'अमृत' से बदलेगी सूरत, दून बनेगा खूबसूरत
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अमृत योजना पर आयोजित बैठक में नगर के विभिन्न इलाकों में जलापूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज व पार्क सुंदरीकरण पर अहम फैसले लिए गए। दून चिकित्सालय चौक समेत कई चौकों का सुंदरीकरण और चौड़ीकरण किया जाएगा। गांधी पार्क को प्रदेश का अनूठा पार्क बनाने के साथ कई किलोमीटर तक फैले क्षेत्र में डेकोरेटिव पोल व स्ट्रीट लाइट लगाने के बाबत फैसले लिए गए। सहारनपुर रोड चौक का यू-टर्न का सुधार-सुंदरीकरण होगा।
नगर निगम में मेयर विनोद चमोली की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। एक्शन प्लान तैयार किया गया। केंद्र सरकार से अमृत योजना के तहत 57.50 करोड़ रुपये नगर निगम को मिले हैं। इसमें 28.50 करोड़ जलापूर्ति, 12.50 करोड़ रुपये सीवरेज प्रबंधन, 15 करोड़ रुपये ड्रेनेज व्यवस्था व तीन करोड़ रुपये पार्कों के सुंदरीकरण को मिले हैं।
दून चिकित्सालय चौराहे व पुलिस कप्तान कार्यालय के पास तिराहे का चौड़ीकरण और सुंदरीकरण किया जाएगा। दर्शनलाल चौक से निरंजनपुर मंडी तक बड़ी संख्या डेकोरेटिव पोल लगेंगे। इन पर स्ट्रीट लाइट लगेंगी। इसके लिए एमडीडीए ने एनओसी मांगी है।
मेयर ने कहा कि दून चिकित्सालय चौराहे के चौड़ीकरण के लिए नगर निगम जमीन देगा। इसके लिए शनिवार को निरीक्षण किया जाएगा। सहारनपुर चौक से आगे यू टर्न को व्यवस्थित करने के लिए जमीन अधिग्रहित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जलापूर्ति व सीवरेज प्रबंधन में पार्षदों की बात को तवज्जो दी जाएगी। प्राथमिकता वाले इलाकों पर पहले काम होगा।
उन्होंने अधिकारियों को धर्तावाला, अनुराग नर्सरी नाले, सुभाष रोड, मुस्लिम कालोनी रेठा मंडी में नालों को बेहतर करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। मेयर ने गांधी पार्क के लिए तीन करोड़ रुपये का डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाने को कहा। बैठक में नगरायुक्त नितिन भदौरिया ने कहा कि कार्यान्वयन बहुत बेहतरीन व पेशेवर तरीके से किया जाए। बैठक में शहरी विकास विभाग, जल निगम समेत नगर निगम के विभिन्न अनुभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
अमृत शहरों में नैनीताल भी जुड़ा
टूरिस्ट सिटी के रूप में नैनीताल को भी अटल मिशन फॉर रिज्युविनेशन एंड अरबन ट्रांसफार्मेशन (अमृत) शहरों में जोड़ लिया गया है। इसके साथ ही प्रदेश शासन ने ऋषिकेश और पिथौरागढ़ को भी इस सूची में शामिल करने के लिए प्रस्ताव भेजा है। सचिव शहरी विकास डीएस गर्ब्याल ने बताया कि प्रस्ताव भेज दिया गया है, लेकिन इस संबंध में केंद्र का जवाब नहीं आया है।
सचिव शहरी विकास गर्ब्याल ने बताया कि नैनीताल में पर्यटकों की अच्छी-खासी संख्या रहती है। यह टूरिस्ट सिटी के रूप में जाना जाता है। इसी वजह से इसे अमृत शहर की सूची में शामिल किया गया है। अब प्रदेश में अमृत शहरों की संख्या सात हो गई है। ऋषिकेश में भी पूरे साल पर्यटकों और सैलानियों की आवाजाही रहती है। इसी से ऋषिकेश के संबंध में भी केंद्र को प्रस्ताव भेजा गया है। नैनीताल की तरह ऋषिकेश को भी टूरिस्ट सिटी होने के कारण अमृत की श्रेणी में शामिल होना चाहिए।
उन्होंने बताया कि पिथौरागढ़ भी पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। ऋषिकेश के साथ केंद्र को पिथौरागढ़ का भी प्रस्ताव भेजा गया है। अमृत श्रेणी में आने से इन शहरों का और भी विकास हो सकेगा।