देहरादून: 73 साल बाद आखिरी शो के बिना ही हमेशा के लिए बंद हुआ ऐतिहासिक प्रभात सिनेमा
- 30 मार्च को ऋषि कपूर की फिल्म बॉबी के साथ होना बंद होना था सिनेमा हॉल
- कोरोना के चलते 31 तक बंद होने के कारण अब नहीं लगेगी फिल्म
- वर्ष 1947 में बना प्रभात सिनेमा, सैकड़ों लोगों ने अपनी पहली फिल्म इसी पिक्चर हॉल में देखी
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देहरादून का ऐतिहासिक प्रभात सिनेमा हमेशा के लिए बंद हो गया है। पहले 30 मार्च को बॉबी फिल्म के साथ हॉल को बंद करने की योजना थी लेकिन कोरोना के कारण अब ऐसा नहीं हो पाएगा। सैकड़ों लोगों ने अपनी पहली फिल्म इसी पिक्चर हॉल में देखी, जिसकी यादें हमेशा उनके जेहन में रहेगी।
चकराता रोड पर वर्ष 1947 में प्रभात सिनेमा की शुरुआत टीसी नागलिया ने की। उनका निधन होने के बाद उनके पुत्र दीपक नागलिया ने वर्षों तक इसका संचालन किया। 1977 में इसकी मरम्मत की गई, जिसके बाद यहां सीटों की संख्या 500 से बढ़ाकर 1000 की गई। साथ ही दीपक समय-समय पर आने वाली लेटेस्ट टेक्नोलॉजी को भी अपनाते रहे, जिससे दर्शकों को फिल्म देखने में आनंद आए।
समय के साथ थिएटर में आए बदलावों और मल्टीप्लेक्स के बढ़ते चलन के साथ प्रभात से दर्शक दूर होते चले गए। नागलिया परिवार के करीबी सतीश शर्मा ने बताया कि हॉल मालिक दीपक नागलिया काफी समय हॉल के अंदर अन्य कमर्शियल एक्टिविटी करना चाहते थे लेकिन सरकार की तरफ से अनुमति नहीं मिली। जिसके चलते उन्हें इसको बंद करने का फैसला लेना पड़ा है।
कपूर परिवार से अच्छे रिश्ते
पहले 30 मार्च को ऋषि कपूर की सुपरहिट फिल्म बॉबी के प्रदर्शन के साथ हॉल को बंद करने की योजना थी। इस शो के लिए नागलिया परिवार और उनके खास दोस्तों व रिश्तेदारों को बुलाया जाना था लेकिन अब बिना फिल्म चले ही इसे बंद कर दिया गया है।
सतीश शर्मा ने बताया कि नागलिया परिवार के बॉलीवुड के प्रसिद्ध कपूर परिवार से बहुत अच्छे रिश्ते रहे। नागलिया परिवार ऋषि कपूर, रणधीर कपूर, करिश्मा कपूर और करीना कपूर के लोकल गार्जियन भी रहे। ऋषि कपूर की फिल्म बॉबी यहां 25 हफ्ते तक चली थी।
ओपन एयर सिनेमा की शुरुआत
दीपक नागलिया के बेटे तुषार नागलिया ने दून में ओपन एयर सिनेमा की शुरुआत की है। दून स्कूल से पढ़े तुषार ने ओपन एयर थिएटर कांसेप्ट लांच किया है, जिससे दर्शकों की जरूरत और पसंद के मुताबिक अलग-अलग जगह ले जाया जा सकता है।